:: सरवटे और रेलवे स्टेशन क्षेत्र का दौरा; पान दुकानों पर पीकदान अनिवार्य, डस्टबिन न मिलने पर कटेगा चालान :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर की स्वच्छता साख को बरकरार रखने के लिए नगर निगम अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर उतर आया है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने शुक्रवार को झोन क्र. 11 के अंतर्गत आने वाले शहर के सबसे व्यस्ततम सार्वजनिक और व्यावसायिक क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। छावनी, सरवटे बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए आयुक्त ने दोटूक कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों और स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों को अब बख्शा नहीं जाएगा। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त प्रखर सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी और सीएसआई मुख्य रूप से उपस्थित रहे। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर स्वच्छता की छवि धूमिल नहीं होनी चाहिए। :: रेड स्पॉट मुक्त इंदौर के लिए सख्त फरमान :: शहर को रेड स्पॉट (थूकने के निशान) से मुक्त करने के लिए आयुक्त ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, विशेषकर पान दुकानों को निशाने पर लिया है। उन्होंने कड़े निर्देश जारी किए हैं कि: - पान दुकानें : हर पान दुकान पर पीकदान रखना अनिवार्य होगा। दुकानदार को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहक दुकान के आसपास गंदगी न फैलाएं। - अनिवार्य डस्टबिन : सभी व्यापारियों को अपनी दुकान के बाहर डस्टबिन रखना होगा। - ऑन-स्पॉट जुर्माना : स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि यदि निरीक्षण के दौरान दुकान पर डस्टबिन नहीं मिला, तो बिना किसी रियायत के तत्काल चालानी कार्रवाई की जाए। :: व्यस्त चौराहों पर डीप क्लीनिंग का मंत्र :: आयुक्त सिंघल ने कहा कि सरवटे बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर यात्रियों का भारी दबाव रहता है। इन संवेदनशील क्षेत्रों में केवल सामान्य सफाई से काम नहीं चलेगा, यहाँ प्रतिदिन विशेष सफाई अभियान (Deep Cleaning) चलाया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को निर्देश दिए कि यहाँ कूड़ा-करकट और गंदगी मिलने पर संबंधित सुपरवाइजर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। :: एनजीओ करेंगे चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग :: सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आयुक्त ने एनजीओ प्रतिनिधियों की भूमिका को और सक्रिय कर दिया है। अब एनजीओ की टीमें रैंडम मॉनिटरिंग करेंगी और दुकानदारों को डस्टबिन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उल्लंघनकर्ताओं की रिपोर्ट निगम को सौंपेंगी। आयुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारियों को एनजीओ से प्राप्त फीडबैक पर रियल टाइम एक्शन लेने को कहा है। प्रकाश/20 फरवरी 2025