-आरोपों का खंडन कर कहा, एक दिन सच्चाई सामने आएगी वाराणसी (ईएमएस)। यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गिरफ्तारी की आशंका के बीच सोमवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है, तब वे इसका विरोध नहीं करते हुए, पुलिस को पूरा सहयोग करूंगा। उनका मानना है कि जनता सब देख रही है और सच्चाई समय के साथ सामने आ जाएगी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को झूठा बताकर कहा कि मीडिया के कैमरों और प्रयागराज में लगे सीसीटीवी में घटना रिकॉर्ड हो चुकी होगी। अविमुक्तेश्वरानंद ने दावा किया कि जिन लड़कों का नाम मामले में लिया जा रहा है, वे उनके गुरुकुल में कभी पढ़े नहीं और न ही वहां आए है। उनका कहना है कि छात्र हरदोई के एक स्कूल से जुड़ा हैं, और उनकी मार्कशीट भी केस में जमा की गई है, जिसमें छात्र के गुरुकुल से संबंध का कोई प्रमाण नहीं मिलता। स्वामी ने सवाल उठाया कि यदि किसी कथित सीडी का जिक्र है, तब उस सीडी को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और जनता से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें। उत्तप्रदेश पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर नामजद एफआईआर दर्ज की और अगले दिन शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी से मुलाकात कर साक्ष्य जुटाए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अविमुक्तेश्वरानंद के कानूनी शिकंजे में आने की संभावना बढ़ गई है। माघ मेला 2026 में मौनी अमावस्या के दिन संगम में स्नान के दौरान उनके काफिले को घंटों रोका गया था, जिसमें शिष्यों और पुलिस के बीच हाथापाई का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पर नाबालिग बटुकों का यौन शोषण करने का आरोप लगाकर तहरीर दी। पुलिस की कार्रवाई न होने पर न्यायालय में याचिका दायर की गई और पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज किए। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में बीएनएस की धारा 351(3) और लैंगिक अपराधों की विभिन्न धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया। अब अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों का खंडन करते हुए सहयोग का भरोसा जताकर कहा कि समय के साथ सच्चाई उजागर होगी। उधर, आशुतोष ब्रह्मचारी ने मौनी अमावस्या के दिन ही अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों पर मारपीट का आरोप लगाकर झूंसी थाने में तहरीर दी थी। उस वक्त से चला आ रहा विवाद लगातार जारी है। माघ मेला के आखिरी दिनों में आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद और उसके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी समेत अन्य पर नाबालिग बटुकों का यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। आशीष दुबे / 23 फरवरी 2026