आयोग की जनसुनवाई का जनसंगठनों ने किया बायकॉट ! जबलपुर, (ईएमएस)। विद्युत कंपनियों द्वारा विद्युत दरों में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर पूर्व क्षेत्र वितरण कंपनी से संबंधित आपत्तियों पर सुनवाई आज 24 फरवरी मंगलवार को होने वाली है| इस बीच बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है| नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच सहित 7 अन्य जनसंगठनों ने शासन की वायदा खिलाफी के विरोध में जनसुनवाई का बॉयकॉट करने का निर्णय लिया है| दरअसल सरकार ने स्मार्टमीटर फ्री में लगाने और सस्ती बिजली देन की वायदा किया था, लेकिन स्थिति इसके उलट हो रही है| बिजली महंगी हो गई और स्मार्ट मीटर का पैसा भी उपभोक्ताओं से वसूला जा रहा है| उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष डॉ.पी.जी. नाजपांडे ने बताया कि 22 सितंबर 2025 को जी एस टी रेट घटाने से तथा कोयले पर 400 रु. प्रति टन काम्पेनसेशन सेस हटाने से बिजली सस्ती होगी, यह वादा प्रदेश सरकार ने किया था। यह भी वादा किया गया था कि स्मार्ट मीटरों की कींमत तथा अन्य खर्च उपभोक्ताओं से वसूले नहीं जायेंगे तथा उनके परिसरों में फ्री स्मार्ट मीटर लगेंगे। किंतु सच्चाई बिलकुल उल्टी है। सस्ती बिजली की जगह बिजली के रेट 10.19 प्रतिशत से बढ़ाने तथा स्मार्ट मीटरों का पूरा खर्च उपभोक्ताओं से वसूलने को सरकारी बिजली कंपनियों ने प्रस्तावित किया है। यह वादाखिलाफी है। इसलिए बायकॉट कर विरोध दर्शाया जायेगा रजत भार्गव, टी. के. रायघटक, डी. के. सिंग, सुभाष चंद्रा, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, पी.एस. राजपूत, राजेश गिदरोनिया, एड. वेद प्रकाश अधौलिया, डी.आर. लखेरा, संतोष श्रीवास्तव, माया कुशवाह, दिलीप कुंडे, के.सी. सोनी आदि ने विद्युत कंपनी के इस रवैये की निंदा की है। सुनील साहू / मोनिका / 23 फरवरी 2026/ 05.45