- ठेकेदार ब्लैकलिस्टेंड, दोषी अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज जबलपुर, (ईएमएस)। जबलपुर से भोपाल जाने वाले नेशनल हाईवे 45 पर शहपुरा बाईपास स्थित ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद प्रशासन ने एहतियातन इस मार्ग पर यातायात को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित और आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से नया ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और वैकल्पिक मार्गों से सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासन द्वारा ओवरब्रिज के दोनों ओर हैवी सीमेंटेड बैरिकेड्स लगाए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार का वाहन क्षतिग्रस्त हिस्से की ओर प्रवेश न कर सके। डायवर्जन प्वाइंट्स पर पर्याप्त संख्या में फ्लोरोसेंट दिशासूचक बोर्ड एवं सूचना फ्लेक्स लगाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को स्पष्ट मार्गदर्शन मिल सके। डायवर्जन प्वाइंट तथा ओवरब्रिज के आसपास एनएचआई के यातायात वॉलंटियर्स एवं पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारी मौके पर निगरानी रखे हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग……. जबलपुर से भोपाल की ओर जाने वाले भारी वाहनों को अंधमुख बायपास और पाटन बायपास मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है। भोपाल से जबलपुर की ओर आने वाले भारी वाहनों को पाटन मार्ग की ओर मोड़ा गया है। हल्के वाहनों के लिए भी स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें और बैरिकेड्स को पार करने का प्रयास न करें। ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, जांच के आदेश…….. घटना के बाद प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की घोषणा की है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। विभाग को कार्यवाही के लिये निर्देशित कर दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, ओवरब्रिज की संरचनात्मक स्थिति और निर्माण गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण में लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। रेलवे की सफाई: यह रेलवे ब्रिज नहीं ………. इस बीच जबलपुर रेल मंडल ने सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में फैली भ्रांतियों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। रेल मंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज रेलवे का आरओबी नहीं है। यह पुल सड़क को रेलवे ट्रैक के ऊपर से ले जाने वाला रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) है, जिसका निर्माण एवं संचालन मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन (एमपीआरडीसी) द्वारा किया गया है। रेलवे ने साफ किया है कि इस पुल के निर्माण, डिजाइन, रख-रखाव या प्रशासनिक संचालन से उसका कोई संबंध नहीं है। यह परियोजना सड़क परिवहन विभाग के अंतर्गत आती है। सुनील साहू / शहबाज / 23 फरवरी 2026