* कांग्रेस शासन में कोने में बैठा रोता था विकास, राष्ट्रहित के हर फैसले का किया विरोध गांधीनगर (ईएमएस)| गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में भाग लेते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली, परिवारवाद और पूर्व शासनकाल की तुलना वर्तमान स्थिति से करते हुए सदन में कई तीखे कटाक्ष किए। उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस को एक “फेल हो चुकी प्रोडक्ट” बताते हुए कहा कि पार्टी हर बार नए पैकेजिंग में पुरानी प्रोडक्ट लॉन्च करती है, लेकिन उसे लगातार असफलता ही मिलती है। बिना नाम लिए उन्होंने राहुल गांधी पर भी तंज कसा और कहा कि कांग्रेस में केवल एक ही परिवार का शासन चलता है। “परिवार रात को दिन और दिन को रात कह दे तो वही सच माना जाता है,” ऐसा माहौल वहां देखने को मिलता है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि चुनाव के समय कभी टोपी पहनकर तो कभी जनेऊधारी बनकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कैमरा हटते ही असली चेहरा सामने आ जाता है। “कांग्रेस शासन में कोने में बैठा रोता था विकास” कांग्रेस के शासनकाल को याद करते हुए हर्ष संघवी ने कहा कि उस समय विकास कहीं कोने में बैठकर सिसकियां भर रहा था। विशेष रूप से उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र में पेयजल की गंभीर समस्या थी। महिलाओं को सिर पर दो-दो घड़े रखकर कई किलोमीटर तक पानी लाना पड़ता था। भावुक अंदाज में उन्होंने कहा, “यदि घर में दो भाई-बहन होते थे, तो एक का पूरा जीवन सिर्फ पानी लाने में ही बीत जाता था।” उस समय पानी पहुंचाने के लिए ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में नरेन्द्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद हालात में बड़ा बदलाव आया। “राष्ट्रहित के हर फैसले का किया विरोध” उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस की “नकारात्मक मानसिकता” पर प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा राष्ट्रहित के कार्यों का विरोध किया है। चाहे अनुच्छेद 370 हटाने का मुद्दा हो या राम मंदिर निर्माण का, कांग्रेस ने हर स्तर पर अवरोध खड़े किए। उन्होंने कहा कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण ठुकराकर कांग्रेस ने अपनी विचारधारा स्पष्ट कर दी है। अंत में उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “नेता टोपी पहनें, इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन दिल्ली से आकर गुजरात की जनता को ‘उल्टी टोपी’ पहनाने का जो प्रयास किया जाता है, वह चिंताजनक है।” सतीश/23 फरवरी