क्षेत्रीय
24-Feb-2026
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- मामला मधुमिलन - छावनी रोड चौड़ीकरण का इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस जयकुमार पिल्लई की एकलपीठ के समक्ष इन्दौर नगर निगम की ओर से पेश वकील ने मधुमिलन से छावनी तक प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ी सड़क मामले में दायर याचिका सुनवाई दौरान पहले कोर्ट को यह बताया कि नगर निगम ने यहां मकानों को तोड़ने के लिए जारी नोटिस वापस ले लिए हैं। इसके बाद याचिका इस छूट के साथ वापस ले ली कि यदि आवश्यकता हुई तो बाद में याचिका दायर की जा सकती है। एडवोकेट जयेश गुरनानी के अनुसार इंदौर विकास योजना 2021 के तहत मधुमिलन से छावनी तक के मार्ग की चौड़ाई 24 मीटर निर्धारित की गई है, जबकि निगम ने पहले इस क्षेत्र के लिए 18 मीटर चौड़ाई पर निर्माण अनुमतियां जारी की थीं। 2014 में भी निगम ने जब मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की थी तब भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। वहीं पिछले दिनों निगम ने यहां सेंटर लाइन डालने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन 6 मार्च 2014 के हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया। तब कोर्ट ने रहवासियों की याचिका पर आदेश दिया था कि मकान तोड़ने से पहले आयुक्त सुनवाई करें। लेकिन भवन अधिकारी ने 14 फरवरी 2026 को एक नोटिस जारी कर संतोष कुमार रावत और अन्य को 16 फरवरी को सुनवाई में दस्तावेज के साथ पक्ष रखने का कहा था। रावत परिवार ने पूर्व में जारी आदेश की जानकारी देते हुए जवाब दे दिया और 16 फरवरी को रावत परिवार पेश नहीं हुआ, इस पर भवन अधिकारी ने मकान तोड़ने का एकपक्षीय आदेश जारी कर दिया। जबकि रावत परिवार जवाब दे चुका था यह भवन अधिकारी ने देखा ही नहीं और नोटिस जारी कर दिया। जिसके पूर्व रावत परिवार की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी गई थी। जब इसकी जानकारी इन्दौर नगर निगम के अधिकारियों को मिलीं तो उन्होंने अपने 14 फरवरी को जारी नोटिसों को 22 फरवरी को निरस्त कर दिया। आनंद पुरोहित/ 24 फरवरी 2026