राज्य
24-Feb-2026


* गुजरात समेत 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के सीईओ रहेंगे उपस्थित गांधीनगर (ईएमएस)| भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा आगामी मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में भारत निर्वाचन आयोग और राज्यों के चुनाव आयोगों की ‘नेशनल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 1999 के बाद, यानी पूरे 27 वर्षों के अंतराल के पश्चात इस प्रकार की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हो रही है। सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे। इस अवसर पर चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। बैठक में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुनाव आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त, गुजरात सहित सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) भी विशेष रूप से सम्मेलन में मौजूद रहेंगे। * सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्य और चर्चा के विषय इस राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और राज्य निर्वाचन आयोगों (एसईसी) के बीच चुनावी प्रक्रियाओं एवं लॉजिस्टिक्स के समन्वय को सुदृढ़ करना तथा ‘सहकारी संघवाद’ की भावना को और मजबूत बनाना है। सम्मेलन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी - * तकनीक के आदान-प्रदान और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के उपयोग पर विचार-विमर्श। * मतदाता सूची को अधिक सटीक और सुदृढ़ बनाने की प्रक्रियाएं। * हाल ही में लॉन्च किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ईसीआईएनईटी’ पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विशेष प्रस्तुति। * ईवीएम की पारदर्शिता एवं सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी। सम्मेलन के दौरान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के संदर्भ में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता पात्रता से जुड़े प्रावधानों पर तुलनात्मक प्रस्तुति भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची तैयार करने के कानूनी ढांचे पर व्यापक विमर्श को बढ़ावा देना है। उल्लेखनीय है कि 73वें और 74वें संविधान संशोधन के अंतर्गत राज्यों के संबंधित कानूनों के माध्यम से राज्य चुनाव आयोगों का गठन किया गया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243K और 243ZA के तहत राज्य चुनाव आयोग पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनावों का संचालन करते हैं। यह राष्ट्रीय सम्मेलन भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोगों के बीच समन्वय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, जिससे देश की चुनावी प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और आधुनिक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। सतीश/24 फरवरी