- भोजपुरी लोक नृत्य और होली के रंगों से सराबोर हुआ कैंपस सीहोर (ईएमएस)। वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी के कैमप्स में गुरुवार को वार्षिक टेक्नो-कल्चरल फेस्ट अद्वित्या 2026 का शुभारंभ बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ किया गया। विश्वविद्यालय के प्रांगण में आयोजित इस उत्सव ने न केवल कला और संस्कृति का प्रदर्शन किया, बल्कि छात्रों के बीच आपसी मेलजोल और उत्साह की एक नई मिसाल पेश की। दीप प्रज्ज्वलन के साथ मंगलमय शुरुआत कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि समारोह की अध्यक्षता वीआईटी के संस्थापक और चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन ने की। उनके साथ उपाध्यक्ष डॉ. शंकर विश्वनाथन और सहायक उपाध्यक्ष कादम्बरी एस. विश्वनाथन भी मौजूद रहीं। विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर टी.बी. श्रीधरन और कार्यवाहक रजिस्ट्रार श्री के.के. नायर ने अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों ने अपने संबोधन में छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के व्यक्तित्व विकास और उनकी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां शुभारंभ के पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों के छात्रों ने मिलकर संगीत और नृत्य के माध्यम से समां बांध दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भोजपुरी लोक नृत्य रहा, जिसने पूरे कैंपस में ऊर्जा भर दी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे छात्रों ने जब भोजपुरी गीतों पर अपनी प्रस्तुति दी, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति झूमने पर मजबूर हो गया। कैंपस में उड़ा गुलाल, समय से पहले आई होली इस उत्सव की सबसे खास बात यह रही कि छात्रों ने केवल मंच तक ही उत्साह सीमित नहीं रखा। कैंपस के विभिन्न हिस्सों में छात्र-छात्राओं की टोलियों ने मिलकर रंग और गुलाल के साथ जमकर होली खेली। रंगों से भरे इस रंगारंग माहौल ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। छात्रों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर भाईचारे का संदेश दिया और वार्षिक उत्सव का आनंद लिया। विविधता में एकता का संगम वीआईटी यूनिवर्सिटी का यह वार्षिक उत्सव विविधता में एकता का प्रतीक नजर आया। जहाँ एक ओर आधुनिक धुनों पर छात्र थिरक रहे थे, वहीं दूसरी ओर लोक संस्कृति और होली जैसे पारंपरिक त्यौहारों का मेल देखने को मिला। अतिथियों ने भी छात्रों की इन मनमोहक प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क संदीप रघुवंशी ने बताया की यह वार्षिक उत्स्व 26 से तो 28 तक चलेगा 28 को यह कार्यकम समापन होगा यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, यह उत्सव आने वाले कुछ दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें खेलकूद, तकनीकी प्रतियोगिताएं और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ईएमएस / 26 फरवरी 26