सारंगपुर (ईएमएस)। नकली नोट बनाकर बाजार में चलाने वाले चार आरोपियों को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है। राहुल सिंह, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, सारंगपुर की अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। अतिरिक्त लोक अभियोजक बृज किशोर चौहान ने बताया कि सारंगपुर न्यायालय में प्रचलित प्रकरण क्रमांक 403/2022 अंतर्गत धारा 489-बी, 489-सी भारतीय दंड संहिता में अभियुक्तगण प्रेम सिंह पिता गंगाराम, मांगीलाल पिता बालू सिंह निवासी ग्राम बिरजीपुरा, मुकेश पिता दुले सिंह निवासी ग्राम बासिया तथा जितेंद्र पिता रामप्रसाद निवासी ग्राम आनंदीखेड़ी के विरुद्ध मामला विचाराधीन था। घटना करीब चार वर्ष पूर्व 9 अप्रैल 2022 को दोपहर 12:30 बजे के दरम्यान आगर रोड, सारंगपुर की है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा, जो 500 रुपये के नकली नोट चलाने के लिए घूम रहा था। तलाशी लेने पर उसके पास से 500-500 रुपये के 17 नकली नोट जब्त किए गए। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रेम सिंह बताया तथा यह भी स्वीकार किया कि उसके साथ अन्य तीन साथी मांगीलाल, मुकेश एवं जितेंद्र भी शामिल हैं, जो नकली नोट बनाकर उन्हें बाजार में असली नोट के रूप में चलाते थे। पुलिस थाना सारंगपुर ने प्रेम सिंह के कथन के आधार पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। उनके पास से भी 500-500 रुपये के नकली नोट जब्त किए गए। आरोपियों के विरुद्ध धारा 489-A, 489-B, 489-C, 489-D एवं 201 भारतीय दंड संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। उक्त प्रकरण की सुनवाई द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राहुल सिंह के न्यायालय में हुई। 14 गवाहों के कथनों एवं प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी पाया। न्यायालय ने धारा 489-बी के अंतर्गत प्रत्येक आरोपी को 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड, तथा धारा 489-सी के अंतर्गत 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी रखा गया है। निर्णय के पश्चात चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। .../ 26 फरवरी /2026