क्षेत्रीय
26-Feb-2026
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- ड्राई ऐश निष्पादन का बनाया नया कीर्तिमान जबलपुर, (ईएमएस)। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के खंडवा जिले में स्थापित श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह ने कुल 210 बल्कर ट्रक ड्राई ऐश विभिन्न उपयोग के लिए निजी कंपनियों को भेजकर ड्राई ऐश निष्पादन का नया रिकार्ड कायम किया। विद्युत गृह की 600 मेगावाट क्षमता की दो एवं 660 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयों से उत्पन्न ड्राई ऐश को प्रभावी प्रबंधन करते हुए कुल 210 बल्कर ट्रक के माध्यम से 7793 मीट्रिक टन ड्राई ऐश निष्पादित की गई। यह मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की फ्लाई ऐश के सदुपयोग, रि-साईकिल व निबटारा करने की प्रतिबद्धता का परिचायक है। पर्यावरण संबंधी बढ़ती चिंता और समस्या की बढ़ती गंभीरता के कारण फ्लाई ड्राई ऐश का प्रबंधन करना अनिवार्य हो गया है। पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा ड्राई ऐश का निष्पादन-कंपनी के विद्युत गृह तकनीकी दक्षता एवं उच्च कोटि के अभियंताओं के कुशल संचालन के लिए जाने जाते हैं, वहीं ड्राई ऐश का समुचित उपयोग भी एक महत्वपूर्ण आयाम है, जिसके लिए विशेष योजना एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाती है। पावर प्लांट के फेज-1 से 143 बल्कर ट्रक द्वारा 5229 मीट्रिक टन ड्राई ऐश निष्पादित की गई जो कि पिछले वर्ष में निष्पादित 131 बल्कर ट्रक की तुलना में अधिक है। इसी प्रकार फेज-2 से 67 बल्कर ट्रक द्वारा 2563 मीट्रिक टन ड्राई ऐश सफलतापूर्वक निष्पादित की गई। क्या होता है ड्राई ऐश और क्या है उपयोग-ड्राई ऐश ताप विद्युत गृहों में कोयले के दहन से उत्पन्न उप-उत्पाद है, जिसका उपयोग निर्माण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है। यह पोर्टलैंड सीमेंट के आंशिक विकल्प के रूप में कंक्रीट निर्माण में प्रयुक्त होती है, जिससे मजबूती, टिकाऊपन, जल अवशोषण में कमी एवं कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त इसका उपयोग ईंट, टाइल, सड़क, तथा औद्योगिक पेंट एवं कोटिंग्स बनाने में भी किया जाता है। विशेष रूप से क्लास-एफ फ्लाई ऐश का उपयोग एंटी-कोरोज़िव एवं वाटरप्रूफ कोटिंग्स में किया जाता है, जिससे लागत में कमी के साथ गुणवत्ता में वृद्धि सुनिश्चित होती है। पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि-प्रबंध संचालक मनजीत सिंह एवं डायरेक्टर टेक्न‍िकल सुबोध निगम ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी की फ्लाई ऐश उपयोग के प्रति प्रतिबद्धता पहले से अधिक सशक्त हुई है और यह पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हाल ही में स्थापित सीमेंट क्लिंकर संयंत्र इस दिशा में कंपनी की पर्यावरण हितैषी सोच एवं सतत विकास के संकल्प का प्रमाण है। यह उपलब्धि कंपनी के प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए बनाई गई नीतियों तथा उनके सुचारु एवं सफल निष्पादन का उत्कृष्ट उदाहरण है। सुनील साहू / मोनिका / 26 फरवरी 2026