अयोध्या (ईएमएस)। अयोध्या धाम में अब सत्यापित दुकानदार दुकान लगा सकेंगे। इनको किसी एक जगह स्थायी रूप से दुकान लगाने की अनुमति नहीं होगी। चेकिंग के दौरान यदि बिना सत्यापित दुकानदार मिलते हैं तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस-प्रशासन के इस निर्णय के साथ-साथ राम मंदिर परिसर में 19 मार्च को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आने की संभावना व रामनवमी पर्व को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। रामपथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ के किनारे स्थाई और अस्थाई रूप से दुकान लगाने वाले व्यापारियों व मठ मंदिरों के साथ कॉलोनियों में अस्थाई और किरायेदार के रूप रहने वालों के सत्यापन की प्रक्रिया की जा रही है। राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं व वीआईपी दौरे के दौरान सुरक्षा व आवागमन की दृष्टि से सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले पटरी दुकानदार सबसे बड़े बाधा बने हुए हैं। पुलिस व नगर निगम की टीम इनके खिलाफ अभियान भी चलाती है, लेकिन अभियान थमने के बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। वहीं, इन दुकानदारों में करीब 90 फीसदी व्यापारी बाहरी हैं, ऐसे में इन्हें सुरक्षा की दृष्टि से भी संदिग्ध माना जाता है। इसको लेकर पुलिस ने इन दुकानदारों को चिह्नित कर उनका सत्यापन कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इसके तहत उनके नाम, मोबाइल नंबर, स्थाई पता से उनके चरित्र और क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए संबंधित जिले के थाने की भी मदद ली जा रही है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ऐसे दुकानदारों का कई चरण में सत्यापन किया गया था। लेकिन इनमें से अधिकांश दुकानदार या तो यहां से चले गए, या काम बदल दिया है। वहीं, भारी संख्या में नए दुकानदार भी यहां आ गए हैं। पुलिस की योजना है कि अब सभी का नये सिरे से सत्यापन किया जाये और सत्यापित दुकानदारों को ही दुकान लगाने की अनुमति दी जाए। एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या धाम में सड़क के किनारे जितने भी ठेले, खोमचे व पटरी दुकानदार हैं, उनका सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन कराने के बाद ही उन्हें दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा मठ मंदिरों व अन्य स्थानों पर रहने वाले बाहरी किराएदारों का भी सत्यापन कराया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिना सत्यापित दुकानदारों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। जितेन्द्र 26 फरवरी 2026