प्योंगयांग में सत्तारूढ़ दल की बैठक में किम जोंग उन की चेतावनी सियोल (ईएमएस)। किम जोंग उन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होने पर उत्तर कोरिया परमाणु ताकत का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा और दक्षिण कोरिया को “पूरी तरह मिटा” सकता है। यह बयान प्योंगयांग में सत्तारूढ़ दल की बैठक के दौरान सामने आया, जिसकी जानकारी सरकारी मीडिया ने दी। किम ने सियोल के साथ बातचीत से फिर इंकार करते हुए अंतर-कोरियाई संबंधों को शत्रुतापूर्ण बताया, हालांकि उन्होंने अमेरिका के साथ संभावित वार्ता के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए। उन्होंने कहा कि यदि वॉशिंगटन अपनी “शत्रुतापूर्ण नीतियां” छोड़ दे, तब बातचीत फिर से शुरू हो सकती है। हाल के वर्षों में किम ने दक्षिण कोरिया के प्रति अपनी बयानबाजी और कड़ी की है। 2019 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ परमाणु वार्ता विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच कूटनीतिक संवाद करीब ठप है। विशेषज्ञों का मानना है कि किम की आक्रामक भाषा का उद्देश्य तात्कालिक युद्ध भड़काना नहीं, बल्कि परमाणु हथियारों और मॉस्को-बीजिंग के साथ बढ़ते संबंधों के जरिए उत्तर कोरिया की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करना है। बैठक में किम ने परमाणु-संपन्न सेना को और सशक्त बनाने तथा नई हथियार प्रणालियों के विकास का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम में हुई प्रगति ने देश को एक प्रभावशाली परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित किया है। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देकर कहा कि उत्तर द्वारा संबंधों को शत्रुतापूर्ण बताना दुर्भाग्यपूर्ण है और सियोल शांति प्रयासों को धैर्यपूर्वक जारी रखेगा। इस बीच, किम जोंग उन को सत्तारूढ़ पार्टी के महासचिव पद पर फिर से निर्वाचित किया गया है, जो उनके नेतृत्व को अगले पांच वर्षों के लिए और मजबूत करता है। आशीष दुबे/ 26 फरवरी 2026