27-Feb-2026


जयपुर (ईएमएस)। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में कहा कि विधानसभा क्षेत्र सागवाड़ा में बड़ी संख्या में तारबंदी की पत्रावलियां निरस्त हुई हैं, जिसका मुख्य कारण मौके पर बताए गए खसरा का क्षेत्रफल कम होना, खसरा नंबर एक परिधि में न होना, सत्यापन से पूर्व तारबंदी का पाया जाना, आवेदक कृषक की मृत्यु हो जाना, किसानों का विभागीय निर्देशों पर तारबंदी पर सहमत न होना, किसानों में आपसी तालमेल न होना, व मापदंडों पर खरा न उतरने पर तारबंदी की पत्रावलियां निरस्त हो जाती है। साथ ही खेतों में फसल खड़ी होने के कारण इस वित्तीय वर्ष में तारबंदी करवाया जाना संभव नहीं हुआ। मीणा, सदस्य श्री शंकरलाल डेचा के पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा तारबंदी की योजना का लक्ष्य मूल रूप से जंगली सूअर व नीलगायों से फसलों को बचाना है। जिसमें डेढ़ फीट की दीवार के ऊपर तारबंदी की जाती है। जिलों को वित्तीय वर्ष के आरम्भ में आबादी एवं उपलब्ध पत्रावलियों के अनुसार लक्ष्य आवंटित किए जाते हैं, जिसमें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर फाइलों का निस्तारण किया जाता है। यदि किसी जिले में लक्ष्य से अधिक पत्रावलियां प्राप्त हो जाती है, तो अन्यत्र स्थान से अतिरिक्त लक्ष्य का आवंटन कर दिया जाता है। वित्तीय वर्ष समाप्ति पर आवेदक पत्रावलियों को अग्रेषित कर पात्र कृषकों की पत्रावलियों का आगामी वर्ष में निस्तारण कर दिया जाता है। मीणा ने सदस्य श्री शंकरलाल डेचा के मूल प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए विधान सभा क्षेत्र सागवाड़ा में विगत दो वर्षों में कृषि उपकरण, पाईप लाईन व तारबंदी हेतु किसानों द्वारा किए गए आवेदनों व अनुदान स्वीकृति का वर्षवार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा। मीणा ने बताया कि वर्तमान में सरकार तारबंदी के लिए देय अनुदान में वृद्धि का कोई विचार नहीं रखती है। उन्होंने मूल प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा में सामुदायिक आधार पर 10 या 10 से अधिक कृषकों के स्थान पर समूह में न्यूनतम कृषकों की संख्या 07 कर दी गयी। अशोक शर्मा/ 5:30 बजे/27 फरवरी 2026