अंतर्राष्ट्रीय
27-Feb-2026


लाहौर,(ईएमएस)। पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान की सीमाओं पर हाल ही में तालिबानी और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच जारी झड़पों ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। तालिबान ने डूरंड लाइन पर हुए हालिया हमले में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराने और 19 चौकियों पर कब्‍जा करने का दावा किया है। इस दौरान भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया और कुछ कथित वीडियो भी जारी किए गए। इसके बाद पाकिस्तानी सेना और सरकार टेंशन में आ गई है। पाकिस्तानी के उप नमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्लाह को फोन कर मदद की गुहार लगाई। सउदी मीडिया ने पुष्टि की कि इस कॉल में क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और संघर्ष को रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। हाल ही में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रक्षा समझौता भी हुआ है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान पर हमला सऊदी अरब पर हमला माना जाएगा। इसके पहले भी तालिबान ने रमजान के दौरान कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को रिहा किया था। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने सऊदी अरब के अलावा ओमान और कतर से भी आग्रह किया है कि अफगानिस्तान में हिंसा बढ़ने से रोकें। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दोनों पक्षों को संयम बरतने और बातचीत के जरिए मतभेद सुलझाने का प्रस्ताव रखा। ईरान ने अपनी मध्यस्थता की पेशकश करते हुए कहा कि वह किसी भी तरह मदद के लिए तैयार है। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तानी सरकार का यह कदम केवल सैन्य प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है। तालिबान की ओर से जारी वीडियो और रिपोर्टों ने पाकिस्तान की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इससे न केवल सीमा पर तनाव बढ़ा है बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर भी गंभीर असर पड़ा है। कुल मिलाकर, अफगान सीमा पर पाकिस्तानी सेना और तालिबानी हमलों की स्थिति में कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का महत्व बढ़ गया है। सऊदी अरब, कतर, ओमान और ईरान के हस्तक्षेप की गुंजाइश अब क्षेत्रीय तनाव को कम करने और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने में निर्णायक साबित हो सकती है। यह संघर्ष न केवल पाकिस्तान के लिए चुनौती है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और राजनीतिक संतुलन पर भी प्रभाव डाल सकता है। ईरान का यह बयान इसलिए महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि वह पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान दोनों का ही पड़ोसी देश है। इस बीच तालिबानी सेना का दावा है कि उसने जवाबी हमले में पाकिस्‍तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। डूरंड लाइन पर हुई लड़ाई में 55 पाकिस्‍तानी सैनिक मारे गए हैं और उन्‍होंने 23 शव भी बरामद कर लिया है। तालिबान ने दावा किया है कि उसने 19 पाकिस्‍तानी चौकियों को तबाह कर दिया है। उन्‍होंने इसके कुछ कथित वीडियो भी जारी किए हैं। इस दौरान भारी मात्रा में गोला बारूद भी बरामद किया गया है। आशीष दुबे / 27 फरवरी 2026