अंतर्राष्ट्रीय
27-Feb-2026


इस्‍लामाबाद (ईएमएस)। पाकिस्‍तानी फाइटरजेट के काबुल पर हमले के बाद तालिबानी सेना ने इस्‍लामाबाद में जोरदार हवाई हमला करने की बात कही है। अफगान मीडिया का कहना है कि विस्फोटक ड्रोन के जरिए यह हमला अंजाम दिया गया है। अफगानिस्‍तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अफगान वायुसेना ने सुबह 11 बजे इस्‍लामाबाद के फैसलाबाद में सेना के ठिकाने पर हमला किया है। इसके अलावा जमरुद और अबोटाबाद में भी हवाई हमला किया है। ऐसा पहली बार है जब तालिबान ने इस्‍लामाबाद पर हवाई हमला किया है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। तालिबानी सेना ने कहा कि हवाई हमले में पाकिस्‍तानी सेना के केंद्रों और सैन्‍य ठिकानों को निशाना बनाया है। तालिबान ने कहा कि यह हमला पाकिस्‍तानी वायुसेना के लगातार हवाई हमले के जवाब में किया है। इसके पहले पाकिस्‍तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार और पाकटिआ में कई हमले करके तालिबानी सेना के कई ठिकानों को तबाह करने का दावा किया था। वहीं सीमा रेखा डूरंड लाइन पर भी जोरदार लड़ाई है। तालिबान ने पाकिस्‍तान के 55 से ज्‍यादा सैनिकों को मार गिराने का दावा किया है। तालिबान ने एबोटाबाद में पाकिस्‍तानी सेना के अकादमी पर ड्रोन हमला किया। तालिबान ने इन ड्रोन हमलों का वीडियो भी जारी किया है। इस बीच एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तानी सेना ने तोरखम में एक अस्‍पताल को निशाना बनाया है। अफगान मीडिया का दावा हैं कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब तालिबानी ड्रोन इस्‍लामाबाद तक पहुंचा और सेना प्रमुख असीम मुनीर की सेना उन्हें रोकने में विफल रही। एक प्रत्‍यक्षदर्शी ने वायरल वीडियो में बताया कि यह ड्रोन हमला पाकिस्‍तानी सेना के इलाके में किया गया है। इस हमले के बाद बहुत ही तेल आवाज आई। तालिबानी सोशल मीडिया पर ड्रोन की तस्‍वीरें भी शेयर कर रहे हैं। अफगान मीडिया के मुताबिक डूरंड लाइन पर खोश्‍त प्रांत के तीन जिलों में भी तालिबानी सेना ने पाकिस्‍तानी चौकियों को भारी हथियारों से निशाना बनाया है। यह हमला अभी जारी है। इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा था कि ‘हमारे देश का धैर्य अब जवाब दे चुका है’ और अब अफगानिस्तान के खिलाफ ‘खुली जंग’ की स्थिति बन गई है। उनका यह बयान अफगानिस्तान की ओर से सीमा पार हमले के बाद दोनों देशों की जवाबी कार्रवाई के उपरांत आया है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘पाकिस्तान को आशा थी कि नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में शांति कायम होगी और तालिबान अफगानिस्तान की जनता की भलाई तथा क्षेत्र में स्थिरता पर ध्यान देगा...।’ आशीष दुबे/ 27 फरवरी 2026