ज़रा हटके
28-Feb-2026
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वाशिंगटन (ईएमएस)। मात्र 8 मिनट तक गुस्से में रहने से भी दिल पर गंभीर असर पड़ सकता है। यह खुलासा हुआ है ताजा मेडिकल स्टडी में। रिसर्च के अनुसार, इतने कम समय का गुस्सा भी आपके दिल और ब्लड सर्कुलेशन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इससे ब्लड वेसल्स की कार्यक्षमता कम हो जाती है और वे ठीक से फैल नहीं पातीं। यही कारण है कि बार-बार गुस्सा करने वाले लोगों में हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अध्ययन में 280 पूरी तरह स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया था, जिनमें किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण नहीं थे। इन प्रतिभागियों को 4 समूहों में बांटा गया। कुछ लोगों को 8 मिनट तक गुस्सा दिलाने वाली बातें याद करने को कहा गया, जबकि कुछ को उदासी वाली बातें सोचने को कहा गया। शेष प्रतिभागियों को सिर्फ 8 मिनट तक सरल गिनती करने का काम दिया गया। शोध के नतीजों में पाया गया कि गुस्सा याद करने वाले समूह की ब्लड वेसल्स केवल आधी क्षमता तक ही फैल पा रही थीं, जबकि बाकी समूहों में ऐसा बदलाव नहीं दिखा। इसका मतलब यह है कि गुस्सा सीधे-सीधे रक्त वाहिकाओं की लचीलेपन पर असर डालता है। गुस्सा करते समय शरीर में स्ट्रेस हार्मोन अचानक बढ़ जाता है। इससे रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत कठोर हो जाती है और धमनियां ठीक से फैल नहीं पातीं। लगातार ऐसा होने से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है, और धमनियों में प्लाक जमने लगता है। यही प्लाक आगे चलकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक की वजह बन सकता है। यदि किसी व्यक्ति को बार-बार और तेजी से गुस्सा आता है, तो उसकी ब्लड वेसल्स को सामान्य होने का समय नहीं मिलता, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि उदासी या चिंता करने से दिल पर उतना गहरा असर नहीं पड़ता जितना गुस्सा करने से पड़ता है। सुदामा/ईएमएस 28 फरवरी 2026