- सबकी मौत का कारण एक - सांस लेने में तकलीफ इन्दौर (ईएमएस) उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में इन्दौर के युगपुरुष आश्रम से भेजे गए 86 बच्चों में से 17 की मौत के मामले ने हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामले में मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव, उज्जैन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा सेवाधाम आश्रम के अधीक्षक को नोटिस जारी कर 12 मार्च तक जवाब मांगा है। बता दें कि उज्जैन के अंबोदिया गांव स्थित सेवाधाम आश्रम जहां निराश्रित, बुजुर्ग, मानसिक और शारीरिक दिव्यांगजनों को रखा जाता है। वर्तमान में वहां ऐसे 1200 लोग हैं, जिसमें महिला, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। इस आश्रम पर मौत के मामले और अन्य गड़बड़ियों को लेकर समय-समय पर सवाल खड़े होते आए हैं। ऐसा ही मामला अब फिर सामने आया है। जिसमें 86 बच्चों को 10 बच्चों की मौत के बाद इंदौर के बंद किए गए युगपुरुष आश्रम से उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में बेहतर देखभाल के लिए शिफ्ट किया गया था। इन 86 बच्चों में से 17 बच्चों की मौत हो गई। और चौंकाने वाली बात यह कि सबकी मौत का कारण भी एक ही - सांस लेने में तकलीफ बताया गया। इसका पता उज्जैन जिला अस्पताल और विद्युत शवदाह गृह के रिकॉर्ड की पड़ताल से चला। मामला उजागर होने के बाद उच्च न्यायालय ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए संबंधित जवाबदारों को नोटिस जारी किए हैं। आनंद पुरोहित/ 28 फरवरी 2026