-रक्षा मंत्रालय प्रो-ईरान और एंटी-ईरान गुटों की हर हरकत पर रख रहा पैनी नजर नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या और उसके बाद हुए अमेरिकी-इजराइली हमलों के मद्देनजर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता बरतने को कहा है। प्रो-ईरान और एंटी-ईरान गुटों की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। भारतीय धरती का इस्तेमाल किसी भी विदेशी गुट द्वारा युद्ध के मैदान के रूप में न हो, यह तय करने के लिए दिल्ली स्थित दूतावासों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने अमेरिकी और इजरायली दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों, यहूदी संस्थानों और विदेशी पर्यटकों के जमावड़े वाले स्थानों पर विशेष सुरक्षा तैनात करने का निर्देश दिया है। ईरानी सांस्कृतिक केंद्रों को भी सुरक्षा घेरे में लिया गया है। पुलिस को सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने, विस्फोटकों की जांच करने और अफवाहों या फेक न्यूज को तुरंत रोकने के सख्त आदेश दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मकसद है कि किसी भी हाल में विदेशी मिशनों की सुरक्षा में कोई चूक न हो और भारतीय धरती पर कोई अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा एजेंसियां धार्मिक सभाओं में दिए जाने वाले किसी भी भड़काऊ उपदेश को रोकने के लिए सक्रिय हो गई है। पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रो-ईरान या एंटी-ईरान समर्थकों द्वारा किए जाने वाले किसी भी प्रदर्शन को कानून-व्यवस्था की समस्या बनने से पहले नियंत्रित करें। सोशल मीडिया पर चरमपंथी संगठनों और प्रो-ईरान कट्टरपंथियों की गतिविधियों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। सरकार ने कहा है कि देश की आंतरिक शांति को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। सिराज/ईएमएस 02मार्च26