क्षेत्रीय
02-Mar-2026
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ग्वालियर ( ईएमएस ) । ग्वालियर पुलिस को प्रतिदिन मोबाइल गुम होने संबंधी आवेदन सी.ई.आई.आर.पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं। जिस पर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(पूर्व) श्रीमती विदिता डागर (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (मध्य/यातायात) श्रीमती अनु बेनीवाल (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (पश्चिम/अपराध) श्रीमती सुमन गुर्जर(रापुसे) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जयराज कुबेर(रापुसे) को अपने अधीनस्थ थाना क्षेत्रों में गुम मोबाइलों को ट्रेस कराने हेतु निर्देशित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर(पश्चिम/अपराध) द्वारा उक्त गुम मोबाइ‌लों को साइबर सेल ग्वालियर की टीम से ट्रेस कराकर उनकी शीघ्र बरामदगी कराने हेतु लगाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशांे के परिपालन में डी.एस.पी. अपराध नागेन्द्र सिंह सिकरवार(रापुसे) के कुशल मार्गदर्शन में प्रभारी साइबर सेल उनि० श्रीमती रजनी सिंह रघुवंशी द्वारा मोबाइल गुम होने संबंधी प्राप्त आवेदनों पर कार्यवाही करने हेतु साइबर सेल की टीम को लगाया गया। साइबर सेल टीम द्वारा उक्त आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विगत 02 माह की अवधि मे ब्म्प्त् च्व्त्ज्।स् के माध्यम से विभिन्न कम्पनियों के 551 मोबाइलों को देश के अलग-अलग राज्यों एवं शहरों से बरामद किया गया है, जिनकी कुल कीमत लगभग 01 करोड़ 33 लाख रूपये है। जिनमें आवेदक 1. विनोद पाल- दृष्टिवाधित व्यक्ति है, जोकि रीजनल ट्रॉसपोर्ट कार्यालय में कार्यरत् हैं, मोबाइल बारादरी जाते वक्त गुम हो गया था। 2. श्रीमती चारू जैन पेशे से डॉक्टर हैं, जिनका मोबाइल बाजार जाते वक्त गुम हो गया था। 3. राजकुमार श्रीवास एवं उनकी पत्नि के मोबाइल साथ में खो गये थे, जो कि मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते है। 4. सोनू कुशवाह जो कि, फूलमाला की दुकान लगाकर अपना जीवन यापन करते है, का मोबाइल घर जाते वक्त रास्ते में गुम हो गया था। 5. शिवी कुशवाह जिन्होने मजदूरी करके किस्तों पर मोबाइल लिया था, जो 1000 बिस्तर हॉस्पीटल में इलाज कराने के दौरान गुम हो गया था। 6. धीरज सिकरवार जो एक आर्मी की तैयारी करने वाला छात्र है, जिसका मोबाईल 11.02.2026 को खोया था। इसी प्रकार अन्य आवेदकगणों के मोबाइल भी गुम हुये थे, जिस कारण सभी बहुत परेशान थे। होली के पावन पर्व पर अपना मोबाइल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ग्वालियर से प्राप्त कर सभी मोबाइल धारकों के चेहरे पर पुनः मुस्कान लौट आई। सभी मोबाइल मालिकों द्वारा मोबाइलों के वापिस मिलने पर पुलिस अधिकारियों एवं साइबर सेल की टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। ग्वालियर पुलिस द्वारा उन नागरिकों को भी प्रोत्साहन हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदाय किये गये हैं, जिनमें 01. आर0 391 संतोष धाकड़ 13वीं वाहिनी ग्वालियर, 02. वीरेन्द्र पाल अधिवक्ता म0प्र0 उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर शामिल हैं, जिन्होने जागरुक नागरिक होने का कर्तव्य निर्वहन करते हुये लावारिस मिले मोबाइलों को साइबर सेल में आकर स्वयं जमा कराकर सराहनीय कार्य किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने साइबर सेल की टीम को उक्त सराहनीय कार्य हेतु पुरस्कृत करने की घोषणा की है । सराहनीय भूमिकाः-उक्त मोबाइलों को खोजने में प्रभारी साइबर सेल उप निरीक्षक श्रीमती रजनी सिंह रघुवंशी, उनि विश्वीर सिंह जाट, उनि रुबी भार्गव, आरक्षक सोनू प्रजापति, शिवकुमार यादव, आशीष शर्मा, विपिन सिकरवार, देवेश शर्मा, शैलेन्द्र गौढ़, अजय यादव एवं विभिन्न थानों के आरक्षक हितेन्द्र शर्मा (थाना ग्वालियर), नवल सिंह (थाना कंपू), अशोक लोधी (थाना भितरवार), दीपक रावत (थाना डबरा सिटी), बालेन्द्र शर्मा (थाना हजीरा), सुनील धाकड़ (थाना मोहना) की सराहनीय भूमिका रही। क्या है? ब्म्प्त् पोर्टल सी.ई.आई.आर.पोर्टल:- सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) भारत सरकार दूरसंचार विभाग का पोर्टल है। ब्म्प्त्.ैंदबींत ैंजीप की मदद से कोई भी व्यक्ति अपने चोरी अथवा गुम हुए मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक कर अपनी षिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसके उपरान्त पुलिस द्वारा इस पोर्टल के माध्यम से मोबाइल को आसानी से खोजा जा सकेगा। मोबाइल गुम होने पर पोर्टल पर ऐसे करें शिकायत:- अगर आपका मोबाइल गुम या चोरी हो गया है तो सबसे पहले नजदीकी थाने जाकर शिकायत दर्ज करायें अथवा एमपी पुलिस की वेबसाइट में सिटीजन पोर्टल पर खोई हुई संपत्ति की शिकायत दर्ज कराये उसके बाद अपनी सिम को संबंधित कंपनी से पुनः निकलवायें, सिम एक्टिवेट होने के बाद सीईआईआर पोर्टल ;ूूूण्बमपतण्हवअण्पदद्ध पर जाकर मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक करें जिसमे थाना का शिकायती आवेदन अथवा सिटीजन पोर्टल की शिकायत, मोबाइल का बिल और अपना एक पहचान पत्र पोर्टल पर अपलोड कर आवेदन ऑनलाइन जमा करें। उसके बाद आपको एक 18 अंकों की एक रिक्वेस्ट आईडी मिल जायेगी जिससे शिकायत की स्थिति का पता किया जा सकेगा।