क्षेत्रीय
02-Mar-2026
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गुना (ईएमएस)।नगर पालिका परिषद गुना में नपाध्यक्ष सत्ता पक्ष के ही पार्षदों के बीच जारी आपसी खींचतान और भ्रष्टाचार के आरोपों ने अब राजनैतिक गलियारे में उबाल ला दिया है। सोमवार को नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों ने जिला कलेक्टर किशोर कन्याल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में भाजपा शासित परिषद के भीतर चल रहे टारगेटिव पॉलिटिक्स और संवैधानिक मर्यादाओं के हनन पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने कलेक्टर को अवगत कराया कि परिषद की बैठकों में हाथापाई की नौबत आना, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के झगड़े और प्रोसीडिंग जैसे सदन के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड के साथ गैर-संवैधानिक छेड़छाड़ ने लोकतंत्र को शर्मसार किया है। ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि स्थिति इतनी विकट हो गई है कि स्वयं सत्ता पक्ष की नपाध्यक्ष ने अपने ही दल के पार्षदों पर मानहानि का दावा किया है, जिससे ट्रिपल इंजन सरकार की विफलता स्पष्ट उजागर होती है। शेखर वशिष्ठ ने शहर की बदहाल स्थिति पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि वार्डों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। उन्होंने डॉग बाइट (कुत्तों का आतंक), आवारा मवेशी, चरमराई सफाई व्यवस्था और नामांतरण के लिए परेशान होती जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही एक पृथक पत्र प्रभारी नपा अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर को सौंपते हुए शहर के विभिन्न वार्डों में ग्रीष्मकाल से पूर्व नवीन ट्यूबवेल उत्खनन की मांग की गई है। नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि बीते दो वर्षों से लंबित पेयजल संकट और ट्यूबवेल खनन की समस्याओं का तत्काल निराकरण नहीं किया गया, तो वे नगर पालिका के जिम्मेदारों के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया कि सत्ता पक्ष के पार्षदों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए भ्रष्टाचार के लिखित आरोपों की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए ताकि शहर की जनता के सामने सच्चाई आ सके और विकास कार्य पुन: पटरी पर लौट सकें। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्षद और वार्ड प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।- सीताराम नाटानी