आज और कल भी होगी रंगों की बौछार जबलपुर, (ईएमएस)। रंगों का मदमस्त रंग रंगीला त्यौहार होली इस साल चंद्रग्रहण के फेर में फस गया| पंचाग के मुताबिक धुरेडी आज है तो वहीं ज्योतिषी के मुताबिक धुरेडी 4 मार्च बुधवार को मनाई जाएगी| लिहाजा धुरेडी को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है लेकिन ज्यादातर लोग परंपरानुसार आज धुरेडी मनाने का आतुर है| जो लोग ग्रहण को मान रहे है वे कल होली मनायेंगे| बहरहाल होली के रंगों को लेकर लोगों का यह भी तर्क है कि ग्रहण पूजन पाठ भोजन आदि पर निषिद्ध होता है रंग और अबीर समरसता का प्रतीक है उन्हें कभी भी लगाया व खेला जाता है| वैसे भी पिछले कुछ वर्षों से होली का यह मदमस्त त्यौहार अराजक तत्वों ने उत्पात मचाकर बदरंग बनाने की कोशिशें कीं जिससे यह त्यौहार धीरे-धीरे परंपरागत से हटकर औपचारिक होकर रह गया है। अब नन्हे-मुन्ने बच्चे ही उत्साह और उमंग के साथ रंग गुलाल उड़ाते हैं। बाजारों में पिचकारी और टीशर्ट भी खूब बिकी। होली की हुड़दंग करने की परंपरा पुरानी रही है, लेकिन इस हुड़दंग में आत्मीयता, अपनापन और सद्भावना नहीं रह गई। संस्कारों के इन रंगों में लुच्चे, लफंगों ने राग द्वेष घोल कर होली के रंगों से लोगों के दिमाग पर भय और कुंठा के भाव घोल दिये हैं। यही वजह है, कि अब होली के इस मदमस्त त्यौहार पर संभ्रांत परिवारों के लोग घरों से नहीं निकलते। कालोनियों में जरूर लोग टोलियां बनाकर शांत वातावरण में मौज मस्ती के साथ रंगों का त्यौहार मना लेते हैं। सुनील साहू / मोनिका / 02 मार्च 2026/ 06.58