राज्य
02-Mar-2026
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:: सिंचाई और मत्स्य पालन के लिए ऐतिहासिक निर्णय :: बड़वानी/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को बड़वानी जिले के प्रसिद्ध भीलट देव स्थल नागलवाड़ी में राज्य की पहली कृषि कैबिनेट संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक बैठक में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से जुड़ी 27 हजार 500 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत लिए गए ये निर्णय अगले पांच वर्षों में प्रदेश के कृषि परिदृश्य को बदलने में सहायक सिद्ध होंगे। बैठक में सभी मंत्रियों ने जनजातीय पारंपरिक वस्त्र धारण कर जनजातीय गौरव और कल्याण का सशक्त संदेश भी दिया। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत अगले तीन वर्षों में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 20,000 रोजगार सृजित होंगे। इसमें आधुनिक केज कल्चर को बढ़ावा देते हुए एक लाख केज स्थापित करने का लक्ष्य है। पशुधन विकास के लिए 610 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से पशु चिकित्सालयों के अधोसंरचनात्मक विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य देखभाल के कार्यों को मंजूरी दी गई। साथ ही, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी दो वर्षों के लिए 200 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ निरंतर रखने का निर्णय लिया गया। उद्यानिकी और सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा की गई है। राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 1150 करोड़ रुपये और सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उद्यानिकी क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता के पौधे और बीज रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए 1739 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि विकास की 20 छोटी परियोजनाओं के लिए 3,502 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जो मार्च 2031 तक संचालित की जाएंगी। सहकारिता क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कैबिनेट ने सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता योजना हेतु 1,975 करोड़ रुपये और किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने के लिए 3,909 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र की 11 प्रमुख योजनाओं, जिनमें पशु प्रजनन, टीकाकरण और रोग उन्मूलन शामिल हैं, के लिए कुल 6,518 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना के लिए 656 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे गौ-भैंस वंशीय पशुधन की नस्ल सुधार में मदद मिलेगी। :: बड़वानी के लिए दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं :: नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में बड़वानी जिले के लिए दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। लगभग 2,068 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं में वरला उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (860.53 करोड़) और पानसेमल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (1207.44 करोड़) शामिल हैं। इनसे जिले की 38,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 86 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि भविष्य में प्रदेश के अन्य अंचलों में भी ऐसी कृषि कैबिनेट आयोजित कर किसानों के हित में निर्णायक कदम उठाए जाते रहेंगे। प्रकाश/02 मार्च 2026