मुंबई (ईएमएस)। नई बंगाली फिल्म छेलेधोरा आजकल सुर्खियों में है। यह फिल्म मां-बेटी के रिश्ते, अपराधबोध और आत्म-खोज की भावनाओं को गहराई से परखती है। फिल्म में स्वास्तिका बृष्टि नाम की तलाकशुदा महिला का किरदार निभा रही हैं, जो भावनात्मक रूप से बेहद जटिल, कमियों से भरी और असुरक्षाओं से घिरी हुई महिला है। इंडो-अमेरिकन प्रोडक्शन के तहत बनने वाली यह फिल्म आज से शूटिंग शुरू करेगी, जिसमें जानी-मानी अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। स्वास्तिका के अनुसार, बृष्टि ऐसा किरदार है जिसे पहली नजर में हर कोई शायद पसंद न करे। वह कई बार भावनाओं में बहकर गलत फैसले लेती है, लेकिन अपनी बेटी के लिए उसका प्यार बेहद सच्चा और गहरा है। अभिनेत्री ने कहा कि यह कहानी उन दुर्लभ पलों को दर्शाती है, जब इंसान अपनी कमजोरी के बीच छिपी वास्तविक ताकत को खोजता है। कहानी में बृष्टि अपनी बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए उसे बिना अनुमति अपने साथ ले जाती है। यह कदम वह केवल भावनात्मक आवेग में उठाती है, लेकिन इसके बाद घटनाएं अप्रत्याशित रूप से बदल जाती हैं, जब बच्ची वास्तव में किडनैप हो जाती है। इसके बाद बृष्टि एक ऐसी यात्रा पर निकलती है, जो सिर्फ अपनी बेटी की तलाश नहीं, बल्कि खुद को समझने और अपनी गलतियों का सामना करने की भी प्रक्रिया है। स्वास्तिका ने बताया कि कहानी मातृत्व के भावनात्मक संघर्षों को ही नहीं, बल्कि एक महिला की आत्म-खोज की परतों को भी उजागर करती है। कई बार माता-पिता अपनी गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मुश्किल हालात उन्हें उनके अंदर छिपी सच्चाई से रूबरू करा देते हैं। फिल्म इन्हीं संवेदनाओं को सशक्त रूप से सामने लाती है। निर्देशक शिलादित्य मौलिक के अनुसार, छेलेधोरा माता-पिता के रिश्तों पर आधारित कहानी है, जो एक रोड जर्नी के रूप में आगे बढ़ती है। यह सफर उतार-चढ़ाव, भावनात्मक मोड़ों और आत्म-स्वीकृति के पलों से भरपूर है। फिल्म माफी, हीलिंग और जीवन में दूसरे मौके की महत्ता को केंद्र में रखती है। मौलिक का मानना है कि कई बार बच्चे अपने माता-पिता के लिए ही नैतिक मार्गदर्शक बन जाते हैं, और यही पहलू फिल्म को अलग बनाता है। फिल्म की शूटिंग ईटानगर और जीरो वैली जैसे अरुणाचल प्रदेश के खूबसूरत स्थानों में होगी। सुदामा/ईएमएस 03 मार्च 2026