-एलॉन मस्क के ग्रोक चैटबॉट के जवाब पर छिड़ी बहस -विशेषज्ञों ने कहा- ‘मेथडोलॉजिकल एक्सरसाइज’ का है नतीजा नई दिल्ली,(ईएमएस)। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एलन मस्क की एआई कंपनी एक्सएआई के चैटबॉट ‘ग्रोक’ ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले की तारीख पहले ही बता दी थी। इस दावे के सामने आने के बाद एआई की क्षमता, उसकी विश्वसनीयता और संभावित खुफिया उपयोग को लेकर नई बहस छिड़ गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली मीडिया ने 25 फरवरी 2026 को चार प्रमुख एआई भाषा मॉडलों क्लाउड (एन्थ्रोपिक), जेमिनी (गूगल), चेटजीपीटी (ओपनएआई) और ग्रोक (एक्सएआई)को एक समान प्रॉम्प्ट दिया था। इन सभी से पूछा गया कि यदि अमेरिका ईरान पर काल्पनिक हमला करता है, तो वह कब हो सकता है। बताया जा रहा है कि जहां अन्य एआई मॉडलों ने संभावित परिदृश्य या विश्लेषणात्मक जवाब दिए, वहीं ग्रोक ने एक सटीक तारीख बताई। जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले की खबर सामने आई, तो ग्रोक द्वारा बताई गई तारीख के स्क्रीनशॉट्स इंटरनेट पर साझा किए जाने लगे। कई यूजर्स ने इसे ‘एआई की चौंकाने वाली सटीकता’ बताया, जबकि कुछ ने इसे महज संयोग करार दिया। एलन मस्क ने क्या कहा? इस पूरे घटनाक्रम पर एलन मस्क ने भी प्रतिक्रिया दी। एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि भविष्य की भविष्यवाणी करना बुद्धिमत्ता का सबसे अच्छा माप है। उनके इस बयान ने चर्चा को और हवा दे दी। हालांकि जांच में सामने आया कि यह किसी गोपनीय सैन्य योजना का खुलासा नहीं था, बल्कि एक काल्पनिक परिदृश्य पर आधारित मेथडोलॉजिकल एक्सरसाइज का परिणाम था। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई मॉडल बड़े पैमाने पर उपलब्ध डेटा, भू-राजनीतिक परिस्थितियों और ऐतिहासिक रुझानों के आधार पर संभावनाएं व्यक्त करते हैं। ऐसे में किसी एक तारीख का वास्तविक घटना से मेल खा जाना जरूरी नहीं कि सटीक भविष्यवाणी ही हो, बल्कि यह परिस्थितिजन्य विश्लेषण का नतीजा भी हो सकता है। हिदायत/ईएमएस 03 मार्च 2026