तेहरान(ईएमएस)। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन और इजरायल व अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पश्चिम एशिया में स्थिति विस्फोटक हो गई है। ओमान की समुद्री सीमा में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। इन हमलों में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने दुखद समाचार की पुष्टि करते हुए बताया कि एमकेडी व्योम नामक जहाज पर सवार तीन भारतीयों ने अपनी जान गंवा दी है। दूतावास अब स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अन्य प्रभावित भारतीयों को सुरक्षित निकालने के प्रयासों में जुटा है। जानकारी के अनुसार, मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला टैंकर एमकेडी व्योम मस्कट तट से लगभग 52 नॉटिकल मील की दूरी पर था, जब यह हमले की चपेट में आया। टक्कर और मुख्य इंजन कक्ष में हुए विस्फोट के कारण जहाज पर भीषण आग लग गई। राहत की बात यह है कि ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र और रॉयल नेवी के समन्वय से चालक दल के 21 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए सदस्यों में 16 भारतीय, चार बांग्लादेशी और एक यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, जिन्हें पनामा के झंडे वाले एक अन्य पोत एमवी सैंड की मदद से निकाला गया। क्षतिग्रस्त टैंकर पर लगभग 59,463 मीट्रिक टन माल लदा था और ओमान की नौसेना अब भी इस क्षेत्र में नौवहन संबंधी चेतावनी जारी कर स्थिति पर नजर रख रही है। हिंसा का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य तेल टैंकर एमवी स्काईलाइट को भी निशाना बनाया गया, जिसमें चालक दल के चार सदस्य घायल हो गए। इस जहाज पर भी भारत और ईरान के नागरिक सवार थे। भारतीय मिशन ने जानकारी दी है कि हमले के बाद चालक दल के दो सदस्य लापता हैं, जिनमें से एक भारतीय नागरिक है। लापता सदस्यों की तलाश के लिए व्यापक खोज अभियान चलाया जा रहा है और भारतीय अधिकारी लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में बने हुए हैं। पश्चिम एशिया में छिड़ी इस जंग और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। अमेरिकी तेल की कीमतें 7.6 प्रतिशत बढ़कर 72.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं, जबकि ब्रेंट क्रूड 8.6 प्रतिशत की तेजी के साथ 79.11 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। सबसे अधिक प्रभाव प्राकृतिक गैस की कीमतों पर पड़ा है, जो यूरोप में 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं। कतर जैसे प्रमुख एलएनजी आपूर्तिकर्ता द्वारा संघर्ष के कारण उत्पादन रोकने से ऊर्जा संकट गहराने की आशंका पैदा हो गई है। वीरेंद्र/ईएमएस/03मार्च2026