अंतर्राष्ट्रीय
03-Mar-2026


इस्लामाबाद(ईएमएस)। दक्षिण एशिया में बढ़ते सामरिक तनाव के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत पर एक और युद्ध की तैयारी करने का गंभीर आरोप लगाया है। संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए जरदारी ने दावा किया कि भारतीय नेतृत्व के बयानों से युद्ध के संकेत मिल रहे हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से हमेशा शांति के पक्षधर रहे हैं और नहीं चाहते कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी किसी सैन्य संघर्ष में उलझें। पाकिस्तान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह पहले से ही अपनी पश्चिमी सीमा पर अफगानिस्तान के साथ भीषण तनाव और सैन्य झड़पों का सामना कर रहा है। संसद में अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति जरदारी ने बातचीत की मेज पर लौटने की वकालत की। उन्होंने भारतीय नेतृत्व को संदेश देते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने का एकमात्र रास्ता संवाद ही है। हालांकि, शांति की इस अपील के साथ उन्होंने पारंपरिक रुख अपनाते हुए जम्मू-कश्मीर का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। जरदारी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान कश्मीर के लोगों को राजनीतिक और नैतिक समर्थन देना जारी रखेगा। उनके अनुसार, जब तक कश्मीर मुद्दे का समाधान नहीं हो जाता, तब तक दक्षिण एशिया का कोई भी हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर सकता। संबोधन के दौरान जरदारी ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के संभावित कदम पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे जल-आतंकवाद करार देते हुए आरोप लगाया कि भारत पानी के प्राकृतिक बहाव को एक राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है ताकि पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा सके। राष्ट्रपति के इस भाषण के दौरान संसद में भारी हंगामा भी देखने को मिला। विपक्षी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सांसदों ने सदन में जमकर नारेबाजी की और गो जरदारी गो जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कार्यवाही में बार-बार खलल पड़ा। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में यह खटास बीते वर्ष के घटनाक्रमों के बाद और बढ़ी है। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर सीमा पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। पुलवामा में निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद उपजे जनाक्रोश और सैन्य कार्रवाई ने दोनों देशों को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया था। हालांकि, उस समय सैन्य स्तर की बातचीत के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी, लेकिन वर्तमान बयानबाजी दर्शाती है कि सीमा पर तनाव अभी कम नहीं हुआ है। फिलहाल भारत की ओर से पाकिस्तान के इन हालिया दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वीरेंद्र/ईएमएस/03मार्च2026 --------------------------------