राष्ट्रीय
03-Mar-2026


जबलपुर,(ईएमएस)। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन में नगर परिषद द्वारा निर्मित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं सामने आई है। चट्टी से बस स्टैंड मार्ग पर बने इस कॉम्प्लेक्स में नियमों को ताक पर रखकर दुकानों का आवंटन किया गया, जिससे शासन को करीब 83 लाख रुपये की राजस्व हानि हुई। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने मामले की जांच के बाद नगर परिषद लखनादौन की अध्यक्ष मीना बलराम गोल्हानी, दो पूर्व सीएमओ, वर्तमान राजस्व उपनिरीक्षक, पीआईसी सदस्यों और 14 दुकानदारों सहित कुल 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 409, 120बी भादवि और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 13(1)(ए), 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। जांच में सामने आया कि नगर परिषद ने आठ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में कुल 75 दुकानों का निर्माण कर नीलामी कराई थी। नियमों के अनुसार 21 दिन में 25 प्रतिशत राशि और शेष 120 दिन में पूरी राशि जमा कर अनुबंध किया जाना था, साथ ही मासिक किराया तय होना था। लेकिन 24 अगस्त 2020 से 18 अक्टूबर 2024 तक कई दुकानों का कब्जा पूरी राशि जमा कराए बिना और बिना अनुबंध दे दिया गया। सत्यापन में 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों द्वारा करीब 79.82 लाख रुपये जमा न किए जाने और 2.88 लाख रुपये किराया वसूली न होने की पुष्टि हुई। आरक्षित वर्ग के लिए तय दुकानों को सामान्य वर्ग को आवंटित कर नियमों का उल्लंघन किया गया। विशेष रूप से आरक्षित दुकान क्रमांक 7 को वैभव दुबे को बिना पुनः नीलामी के दे दिया गया। पीआईसी बैठकों में प्रस्ताव पारित कर लाभ पहुंचाने के भी आरोप हैं। ईओडब्ल्यू ने कहा कि तत्कालीन सीएमओ गजेंद्र पांडे, गीता वाल्मीक, वर्तमान राजस्व उपनिरीक्षक रवि गोल्हानी और अन्य आरोपियों पर पद के दुरुपयोग और मिलीभगत के स्पष्ट साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी का अनुमान है कि पूरे प्रकरण से शासन को करीब 83 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे और खुलासों की संभावना है। आशीष दुबे / 03 मार्च 2026