बीफ एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनियां सत्तारूढ़ दल को चंदा क्यों दे रही हैं? वाराणसी (ईएमएस)। उत्तरप्रदेश के काशी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गौ-माता को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि एक तरफ योगी सरकार गौ-रक्षा की बात करती है, दूसरी तरफ गौ-तस्करों से चंदा लेती है। यूपी में गायों की संख्या में 4 प्रतिशत की कमी आई है। डिप्टी सीएम मौर्य बताएं ऐसा क्यों है? शंकराचार्य ने कहा कि 7 मार्च से “शंखनाद यात्रा” की शुरुआत होगी। जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव होकर 12 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी। जहां पर गौ-प्रतिष्ठा ध्वज स्थापना और गौ-माता की रक्षा के लिए धर्मयुद्ध के शंखनाद का कार्यक्रम प्रस्तावित है। डिप्टी सीएम मौर्य की बात पर उन्होंने कहा, यह सही बात है कि भारत का नागरिक देश में कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र है। इसमें उन्होंने न कुछ गलत कहा है। न ही कोई अतिशयोक्ति की है। जहां तक सनातन धर्म का सवाल है, कोई भी सनातन धर्मी अपने गुरु के आगमन पर स्वागत करता है, यह हमारी परंपरा है। यह विचारणीय विषय है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछली जनगणना में यूपी में गायों की संख्या में 4 प्रतिशत की कमी आई है। अगर प्रदेश में गाय को खरोंच तक नहीं लगती, तब यह 4 प्रतिशत कमी कैसे हुई? यह कोई निजी आंकड़ा नहीं है, बल्कि सरकारी डेटा है। योगी सरकार को इसका स्पष्ट उत्तर देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया अगर कहा जा रहा है कि गौ-हत्या करने वालों की कोई औकात नहीं है, तब फिर बीफ एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनियां सत्तारूढ़ दल को चंदा क्यों दे रही हैं? उनका उद्देश्य क्या है? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। इन सवालों का जवाब प्रदेश के मुखिया को देना चाहिए। आशीष दुबे / 03 मार्च 2026