* ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को साकार करने में पीएम मोदी की सोच को मिल रहा तकनीकी आधार अहमदाबाद (ईएमएस)| डिजिटल युग में विज्ञान आधारित विचारधारा, नवाचार और तकनीक संचालित प्रशासन विकास के प्रमुख स्तंभ बन चुके हैं। इस परिप्रेक्ष्य में उन राज्यों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जो अनुसंधान, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और ई-गवर्नेंस के समन्वय से नागरिकों को तेज़, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विज़न को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात तेजी से डिजिटल इकोसिस्टम की ओर अग्रसर है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया के मार्गदर्शन में राज्य सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। * आईटी नीति से विश्वस्तरीय टेक हब बनने की दिशा राज्य सरकार द्वारा लागू की गई IT/ITeS नीति 2016-21 तथा 2022-27 गुजरात को विश्वस्तरीय आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरती तकनीकों का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब तक आईटी औद्योगिक इकाइयों को 200 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है। डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रावधानों के साथ यह नीति राज्य को भविष्य की तकनीकों का वैश्विक गंतव्य बनाने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। वर्ष 2025 में घोषित ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) पॉलिसी’ के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उच्च मूल्य वाले केंद्रों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। * मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव डिजिटल आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने में Gujarat Fiber Grid Network Limited महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एसपीवी मॉडल के तहत राज्य ने पिछले तीन वर्षों से ग्राम पंचायतों में 100 प्रतिशत कनेक्टिविटी और 95 प्रतिशत नेटवर्क अपटाइम के साथ देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। भारतनेट फेज-2 के अंतर्गत 100 Mbps की गति से ‘डिजिटल सेवा सेतु’ के माध्यम से 321 सेवाएं गांवों तक पहुंचाई जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लगभग 9 हजार प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस थाने डिजिटल रूप से सशक्त हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सुलभ कराने हेतु Gujarat Internet Service Provider Limited द्वारा ‘ग्रामीण वाई-फाई प्रोजेक्ट’ लागू किया गया है। भारतनेट फेज-2 के अंतर्गत 22 जिलों की 7685 से अधिक ग्राम पंचायतों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण नागरिक प्रतिदिन 60 मिनट निःशुल्क इंटरनेट सेवा का लाभ उठा रहे हैं। * भूकंप अनुसंधान में गुजरात अग्रणी देश की अग्रणी भूकंप अनुसंधान संस्था Institute of Seismological Research, गांधीनगर में कार्यरत है। हाल ही में यहां ‘एडवांसिस इन अर्थक्वेक साइंस – 2026’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। राज्य में वर्ष 2001 में एक ऑनलाइन सिस्मिक स्टेशन से शुरुआत हुई थी, जो अब बढ़कर 110 सिस्मिक नेटवर्क स्टेशनों तक पहुंच चुकी है। इसके कारण भूकंप संबंधी जानकारी मिनटों में उपलब्ध हो रही है। गांधीनगर, अहमदाबाद, अंजार, गांधीधाम, धोलेरा और गिफ्ट सिटी-गांधीनगर सहित कई शहरों का सिस्मिक माइक्रोजोनेशन अध्ययन पूर्ण हो चुका है। केंद्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा सौंपे गए प्रोजेक्ट के तहत अमृतसर, आगरा, मेरठ, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, पटना और धनबाद जैसे प्रमुख शहरों के लिए भी माइक्रोजोनेशन अध्ययन पूरा किया गया है। संस्थान द्वारा लोथल सभ्यता पर किए गए शोध से समुद्र स्तर में ऐतिहासिक परिवर्तनों के महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्राप्त हुए हैं। साथ ही, सरदार सरोवर परियोजना सहित कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए भूकंप जोखिम मूल्यांकन कार्य भी संपन्न किया गया है। डैम सेफ्टी पैनल द्वारा राज्य के 30 बड़े बांधों का निरीक्षण किया गया है तथा 7 बांधों पर भूकंप मापक यंत्र स्थापित किए गए हैं। * पारदर्शी और नागरिक केंद्रित ‘डिजिटल गुजरात’ इन सभी पहलों का मूल उद्देश्य ‘डिजिटल गुजरात’ का निर्माण कर पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक केंद्रित प्रशासन सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार की समन्वित नीतियों और मजबूत क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप गुजरात आज डिजिटल परिवर्तन के पथ पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस प्रकार, विज्ञान, तकनीक और सुशासन के संगम से ‘डिजिटल गुजरात’ एक सशक्त, आधुनिक और भविष्य उन्मुख राज्य के रूप में उभर रहा है। सतीश/03 मार्च