* कृषि मंत्री जीतू वाघाणी की उपस्थिति में गांधीनगर के लोकभवन में हुई महत्वपूर्ण चर्चा गांधीनगर (ईएमएस)| गांधीनगर स्थित लोकभवन में राज्य में प्राकृतिक कृषि को लेकर चल रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा हेतु राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने की, जबकि कृषि मंत्री जीतू वाघाणी विशेष रूप से उपस्थित रहे। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक खेती को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि रासायनिक खेती के कारण मानव स्वास्थ्य, भूमि, जल और पर्यावरण पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़े हैं। बड़ी संख्या में लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हैं, भूमि की उर्वरता घट रही है तथा जल और वायु प्रदूषित हो रहे हैं। ऐसे समय में प्राकृतिक खेती ही इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान है। उन्होंने कहा कि राज्य की कृषि विश्वविद्यालयों के शोध से यह सिद्ध हुआ है कि प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम नहीं होता। यह पद्धति पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य की रक्षा करने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ बनाती है। राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि पूरे देश में प्राकृतिक खेती का विस्तार होता है तो यह एक ऐतिहासिक और सकारात्मक परिवर्तन सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश आज भी कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को हरित क्रांति के लिए स्मरण करता है, उसी प्रकार प्राकृतिक खेती के इस अभियान से जुड़े लोगों को भी भविष्य में याद किया जाएगा। उन्होंने इस दिशा में कार्य कर रहे सभी पदाधिकारियों, अधिकारियों और विशेषज्ञों की सराहना करते हुए कहा कि गुजरात में प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में एक नई सकारात्मक क्रांति का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। राज्यपाल ने प्राकृतिक खेती को व्यापक जनआंदोलन बनाने के लिए सभी से निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि आने वाले समय में इस अभियान के और अधिक सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। इस अवसर पर कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा कि राज्यपाल स्वयं प्राकृतिक कृषि के प्रचार-प्रसार के लिए तालुका स्तर तक जाकर किसानों के बीच समय बिताते हैं। उनके मार्गदर्शन से लाखों किसान इस पुनीत कार्य से जुड़ चुके हैं। मंत्री ने राज्य में यूरिया के न्यूनतम उपयोग और गुजरात को प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया। बैठक में कृषि, किसान कल्याण एवं सहकार विभाग के अपर मुख्य सचिव आर.सी. मीणा, संयुक्त सचिव नीतिन सांगवान, कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, कृषि विज्ञान केंद्र, आत्मा, पशुपालन विभाग तथा कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सतीश/03 मार्च