देहरादून (ईएमएस)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में कंाग्रेसजनों ने भारत रत्न, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्य तिथि के अवसर पर उनका श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र भण्डारी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त अद्वितीय प्रतिभा के धनी और साहसी पुरूष थे। स्वतंत्रता संग्राम में उनका अविस्मरणीय योगदान तथा साइमन कमीशन के विरोध में उनकी भूमिका इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने कहा कि भारत में कुली बेगार तथा जमीन्दारी उन्मूलन के साथ ही समाज में फैली अनेक कुरीतियों का उन्होंने सदैव विरोध किया। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री तथा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने विकास की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन निःस्वार्थ जनसेवा को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि स्व. पंत ने भारतीय राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ी और उनकी योग्यता, प्रशासनिक क्षमता तथा स्वतंत्रता आन्दोलन में अद्वितीय योगदान को देखते हुए उन्हंे भारत रत्न के अलंकार से सम्मानित किया गया। 20वीं शताब्दी के तीसरे दशक में कुमाऊं परिषद के माध्यम से सामाजिक और राजनैतिक जीवन में स्व. पंत ने अपनी शुरूआत की। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में फैली भीषण गरीबी, कुली बेगार प्रथा तथा सामाजिक बुराइयों के कारण प्रताड़ित हो रहे कमजोर तबकों की पीड़ा को गहराई से महसूस किया और कालान्तर में उसके लिए उन्होंने अनेक संघर्ष किये। उन्होंने कहा कि भारत रत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त ने आजादी के बाद बीस साल उत्तर प्रदेश और भारत की राजनीति में केन्द्रीय भूमिका निभाते हुए मुख्यमंत्री और देश के गृह मंत्री जैसे पदों को सुशोभित किया। कृषि सुधारों के लिए पंडित पंत के मुख्यमंत्रित्व काल में (कंुजा) अधिनियम को पारित किया गया। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र भण्डारी, राजेन्द्र शाह, नवीन जोशी, प्रवक्ता सुजाता पॉल, पूर्व मंत्री अजय सिंह, प्रवक्ता गिरिराज हिन्दवान, सुनीता प्रकाश, देवेन्द्र सिंह, दिनेश कौशल, आमेन्द्र सिह बिष्ट, ब्लाक अध्यक्ष रितेश जोशी, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष प्रशांत खण्डूरी, अनुराधा तिवाडी, सतेन्द्र पंवार, शिवांशु जयसवाल आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/07 मार्च 2026