दरभंगा, (ईएमएस)। मिथिला की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित माँ श्यामा महोत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन आज दरभंगा राज परिसर स्थित माँ श्यामा मंदिर के पास दीपक प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह में माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के संरक्षक सह दरभंगा के विधायक संजय सरावगी, दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार, माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ.एस.एम. झा, उपाध्यक्ष कमलाकांत झा एवं प्रो. जयशंकर झा, सह-सचिव प्रो. श्रीपति त्रिपाठी, प्रभारी सह-सचिव मधुबाला सिन्हा, न्यासी सदस्य डॉ. संतोष कुमार पासवान एवं अरुण गिरी, वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा एवं मुकेश महासेठ, आयोजन समिति सदस्य उज्ज्वल कुमार, राकेश झा, धर्म कुमार तथा सचिन राम सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किये। इस अवसर पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि पहली बार दरभंगा की पावन धरती पर माँ श्यामा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मिथिला क्षेत्र प्राचीन काल से ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक,दार्शनिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विश्व प्रसिद्ध रहा है। दरभंगा राज परिसर का ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशिष्ट रहा है और माँ श्यामा मंदिर की स्थापना भी तांत्रिक विधि के अनुसार की गई थी। राज परिवार की चिताओं पर स्थापित इस मंदिर की विशेष आध्यात्मिक महिमा है और इसकी ख्याति देश-विदेश तक फैली हुई है। जिलाधिकारी ने कहा कि मिथिला में शैव और शाक्त परंपरा का गहरा प्रभाव रहा है तथा यह क्षेत्र दार्शनिक चिंतन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। संगीत के क्षेत्र में भी मिथिला का विशेष स्थान रहा है। दरभंगा का ध्रुपद घराना भारत के चार प्रमुख ध्रुपद घरानों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। इसके साथ ही मिथिला की प्रसिद्ध लोक चित्रकला परंपरा आज विश्व स्तर पर सम्मानित है और यह न केवल सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। मिथिला की तांत्रिक चित्रकला अपनी विशिष्ट शैली के माध्यम से अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को भी अभिव्यक्त करती है। जिलाधिकारी ने कहा कि माँ श्यामा महोत्सव के अंतर्गत कवि गोष्ठी, विद्वत गोष्ठी, चित्रकला कार्यशाला तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से जिला प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वर्तमान समय के अनुरूप संरक्षित और विकसित करने के लिए हम सभी प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर माँ श्यामा मंदिर, दरभंगा राज परिवार तथा दरभंगा के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के सचिव सह जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने अपने उद्बोधन में माँ श्यामा पर केंद्रित डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निदेशक दीपेश चंद्र तथा प्रस्तावक उज्ज्वल कुमार के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म अत्यंत सूचनाप्रद एवं प्रासंगिक है। इसमें माधवेश्वर परिसर सहित मिथिला के प्रमुख काली मंदिरों के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक तत्वों को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस फिल्म में तांत्रिक साहित्य के विद्वान डॉ. मित्रनाथ झा द्वारा महाराजा रमेश्वर सिंह और सर जॉन वुडरफ़ के आध्यात्मिक संबंधों का भी विस्तार से वर्णन किया गया है। माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के संरक्षक एवं विधायक संजय सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि माँ श्यामामाई मंदिर मिथिला ही नहीं बल्कि पूरे देश और विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा माँ श्यामा महोत्सव के आयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई है और अब यह महोत्सव प्रत्येक वर्ष भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिथिला की धरती सदैव से ही संस्कृति, अध्यात्म और ज्ञान की भूमि रही है। माँ श्यामा माई मंदिर मिथिला की शक्ति और आस्था का प्रतीक है। इस मंदिर का निर्माण दरभंगा राज परिवार के महान शासक महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह द्वारा कराया गया था। श्यामा माई महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मिथिला की संस्कृति,एकता और सामाजिक समरसता का भी उत्सव है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं, नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराते हैं तथा हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह दायित्व है कि इस महान आस्था केंद्र की गरिमा को बनाए रखते हुए इसकी समृद्ध परंपरा को और अधिक सशक्त बनाएं। न्यास समिति के उपाध्यक्ष प्रो.जयशंकर झा ने माँ श्यामा महोत्सव को सरकार से शीघ्रता से स्वीकृत करवाने का श्रेय न्यास समिति के संरक्षक सह विधायक संजय सरावगी को दिया। इस अवसर पर माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष प्रो. एस.एम. झा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला। न्यास समिति के उपाध्यक्ष प्रो.जयशंकर झा ने माँ श्यामा महोत्सव को सरकार से शीघ्रता से स्वीकृत करवाने का श्रेय न्यास समिति के संरक्षक सह विधायक संजय सरावगी को दिया। साथ ही संजय सरावगी के ही सहयोग से अहिल्या-गौतम महोत्सव को राजकीय करवाने के संस्मरण को साझा किया। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, अपर समाहर्ता राजस्व, मनोज कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, नजारत उप समाहर्ता पवन कुमार यादव, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. ए.डी.एन. सिंह, डॉ. रमेश झा, विनोद कुमार, डॉ. मित्रनाथ झा, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. आर.बी. खेतान, पंडित श्यामा ठाकुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी समारोह में उपस्थित थे। संतोष झा- ०७ मार्च/२०२६/ईएमएस