मुंबई (ईएमएस)। हाल ही में सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली ने एक भावुक पोस्ट साझा की। पोस्ट में उन्होंने अपने जीवन के उतार-चढ़ाव, विदेश में बिताए लंबे समय और अपनी पहचान से जुड़े संघर्ष के बारे में खुलकर बात की है। इस पोस्ट में अभिनेत्री ने भारत लौटने की जानकारी देते हुए अपने भीतर के खालीपन और उदासी को भी व्यक्त किया। सेलिना जेटली ने लिखा कि जब कोई व्यक्ति विदेश में उतना ही लंबा समय बिता लेता है, जितना उसने अपने बचपन में अपने माता-पिता के साथ बिताया हो, तब वह अपनी जड़ों और पहचान को लेकर उलझन में पड़ जाता है। उन्होंने ऑस्ट्रिया के खूबसूरत आल्प्स पर्वतों की तुलना अपने बचपन की यादों से की, जो कुमाऊं के पहाड़ों और जंगलों से जुड़ी हुई हैं। अभिनेत्री ने बताया कि विदेश में कई साल बिताने के बावजूद उन्हें अक्सर अपनी पहचान को लेकर अलग तरह के अनुभवों से गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा कि शादी के बाद जब वे अपने पति पीटर हाग के साथ पहले ऑस्ट्रेलिया और फिर ऑस्ट्रिया में बस गईं, तो समय के साथ वहां भी घर जैसा एहसास कम होता गया। कई जगहों पर उन्हें सिर्फ “पीटर की भारतीय पत्नी” के रूप में ही पहचाना गया। पोस्ट में सेलिना ने अपनी मां की कही एक बात को भी याद किया। उन्होंने लिखा कि एक ही व्यक्ति को दोबारा उसी तरह नहीं पाया जा सकता, यहां तक कि उसी इंसान को भी नहीं। अभिनेत्री के मुताबिक मां के साथ बिताया समय उनके जीवन का सबसे अनमोल दौर था। अब जब माता-पिता और परिवार के कई सदस्य इस दुनिया में नहीं हैं, तो पुराना घर और वह एहसास भी वापस नहीं आ सकता। एक सैनिक की बेटी होने के कारण सेलिना का बचपन देश के अलग-अलग शहरों में बीता। उनका कोई स्थायी घर नहीं था, लेकिन उनके माता-पिता ने हर जगह उन्हें प्यार और खुशियां दीं। उन्होंने लिखा कि विदेशी शादी और परिवार के बिखराव के बाद अब उन्हें ऐसा महसूस होता है कि उनका घर कहीं भी नहीं है। अभिनेत्री ने कहा कि वे न पूरी तरह भारतीय महसूस करती हैं और न ही पूरी तरह विदेशी। उनके मुताबिक वे दो दुनियाओं का अच्छा हिस्सा जरूर हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि अब कोई भी जगह उन्हें पूरी तरह घर जैसी नहीं लगती। सुदामा/ईएमएस 09 मार्च 2026