होली के रंग में घिरीं राज्यमंत्री राधा सिंह — वायरल वीडियो के बाद अब ‘मर्यादा बनाम मौज’ की नई सियासी बहस* सिंगरौली( ई एम एस )होली मिलन समारोह में भोजपुरी गीतों पर नृत्य करते वायरल वीडियो को लेकर मध्यप्रदेश सरकार की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राज्य मंत्री राधा सिंह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। वीडियो सामने आने के बाद अब विवाद केवल नृत्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मंत्री के सार्वजनिक आचरण और कथित दोहरे व्यवहार को लेकर क्षेत्र में नई बहस छिड़ गई है। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों का दावा है कि कई धार्मिक आयोजनों और पूजा-पाठ के कार्यक्रमों में मंत्री अक्सर यह कहकर जमीन पर बैठने से परहेज करती रही हैं कि उनके पैरों में दर्द रहता है। लेकिन उसी मंत्री का डीजे पर भोजपुरी गीतों की धुन पर समर्थकों के साथ ठुमके लगाते वीडियो सामने आने के बाद अब गांव-गांव में सवाल उठने लगे हैं— क्या यह सुविधा अनुसार आचरण है या *सत्ता का प्रभाव* *वायरल वीडियो ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी* सिंगरौली-चितरंगी स्थित मंत्री निवास पर आयोजित होली मिलन समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंत्री समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच डीजे पर बज रहे भोजपुरी गीतों की धुन पर झूमती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में तोहरा राजा जी के दिलवा टूट जाई…” और “नईहर में ए गोरी…*जैसे गीतों पर भी माहौल पूरी तरह मस्ती में डूबा रहा। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। *पैर दर्द” बनाम “नृत्य” – उठे तीखे सवाल* ग्रामीणों और सूत्रों का कहना है कि कई बार गांवों में धार्मिक अनुष्ठानों या सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान जब परंपरा के अनुसार जमीन पर बैठने का आग्रह किया गया तो मंत्री ने पैरों में दर्द का हवाला देते हुए बैठने से असमर्थता जताई। अब वही मंत्री सार्वजनिक समारोह में डीजे की धुन पर नृत्य करती दिखाई दीं तो लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विरोधी इसे मुद्दा बनाकर सवाल उठा रहे हैं कि— “यदि पैरों में दर्द इतना था कि पूजा में बैठना संभव नहीं, तो फिर डीजे पर नृत्य कैसे?” गांवों में चर्चा, सियासत में तंज सिंगरौली और चितरंगी क्षेत्र में यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे सामान्य होली उत्सव बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे जन प्रतिनिधि के आचरण और पद की गरिमा से जोड़कर देख रहे हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे पर तंज और बयानबाजी शुरू हो गई है। *जन प्रतिनिधि और सार्वजनिक मर्यादा* राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जन प्रतिनिधि केवल व्यक्ति नहीं बल्कि जनता के विश्वास का प्रतीक होते हैं। ऐसे में उनके सार्वजनिक व्यवहार, कार्यक्रमों की प्रकृति और मंच पर प्रस्तुत सामग्री को लेकर समाज विशेष रूप से संवेदनशील रहता है। सोशल मीडिया के दौर में किसी भी घटना का वीडियो कुछ ही मिनटों में पूरे प्रदेश और देश में चर्चा का विषय बन सकता है। *जनता की राय — पांच आवाजें* 1. जन प्रतिनिधियों को सार्वजनिक मंच पर संयम रखना चाहिए — राजेश तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता 2. होली में नाचना-गाना सामान्य है, इसे विवाद बनाना ठीक नहीं — संगीता मिश्रा, स्थानीय निवासी 3. नेता समाज के लिए उदाहरण होते हैं, इसलिए संतुलित व्यवहार जरूरी — अशोक पांडे, शिक्षक 4. त्योहार की खुशी को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है — विकास सिंह, युवा 5. सार्वजनिक कार्यक्रमों में गीतों का चयन भी जिम्मेदारी से होना चाहिए — सीमा यादव, महिला समूह सदस्य *फैक्ट बॉक्स* मामला: होली मिलन समारोह का वायरल वीडियो स्थान: सिंगरौली स्थित मंत्री निवास मुख्य पात्र: राज्यमंत्री Radha Singh विवाद: भोजपुरी गीतों पर नृत्य और कथित “पैर दर्द” वाले बयान पर बहस स्थिति: सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा ते ज हैं सिंगरौली सें आर एन पाण्डेय