राज्य
09-Mar-2026
...


:: नगरीय विकास आयुक्त के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने किया सघन निरीक्षण; प्रयोगशाला में जांच को भेजे गए सैंपल :: पीथमपुर/इंदौर (ईएमएस)। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले औद्योगिक अपशिष्ट के कारण गंभीर नदी में बढ़ते प्रदूषण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे के निर्देश पर सोमवार को एक उच्च स्तरीय टीम ने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में म.प्र. अर्बल डेव्हलपमेंट कम्पनी लि. (एमपीयूडीसी) के प्रमुख अभियंता आनंद सिंह, पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. सीताराम टैगोर, परियोजना प्रबंधक डी.आर. लोधी, पीथमपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञ शामिल रहे। टीम ने चिराखान नाला, कलारिया, बेतमा एनीकट, महू गांव और यशवंत सागर सहित गंभीर नदी और उससे जुड़े प्रमुख जल स्रोतों की वस्तुस्थिति की जांच की। निरीक्षण के दौरान टीम ने संभावित औद्योगिक प्रदूषण की वैज्ञानिक जांच के लिए कुल 11 पानी के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला में भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि लैब रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही प्रदूषण के वास्तविक स्रोतों और कारणों का खुलासा होगा। रिपोर्ट आने के पश्चात दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि गंभीर नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए यह कवायद की जा रही है। नदी में औद्योगिक अपशिष्ट के बहाव को रोकने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र के उद्योगों को भी पर्यावरण नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई है ताकि भविष्य में जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। प्रकाश/09 मार्च 2026