व्यापार
10-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फरवरी की मौद्रिक नीति बैठक में अर्थव्यवस्था को संतुलित या ‘गोल्डीलॉक्स’ स्थिति बताया था। कम महंगाई और मजबूत आर्थिक वृद्धि के संकेतों के कारण रीपो दर 5.25 फीसदी पर यथावत रखी गई। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति को अनुकूल बताया और संकेत दिया कि ब्याज दरें लंबी अवधि तक इसी स्तर पर रह सकती हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया में युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि से यह संतुलन खतरे में है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भू-राजनीतिक झटका आरबीआई की मौद्रिक नीति पर असर डाल सकता है। ‎‎विशेषज्ञों का कहना है ‎‎कि मौजूदा ब्याज दरें तब तक स्थिर रहेंगी जब तक कोई बड़ा आर्थिक या वैश्विक झटका नहीं आता, यदि महंगाई तेजी से बढ़ती है तो ब्याज दरों में अपेक्षा से पहले वृद्धि संभव है। फरवरी की समीक्षा में आरबीआई0 ने अपनी तटस्थ नीति बरकरार रखी, जो मौजूदा स्थिति पर नजर रखने और प्रतीक्षा की रणनीति को दर्शाती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में ब्याज दरों के निर्णय डेटा और वैश्विक घटनाओं पर आधारित सावधानीपूर्ण रणनीति के तहत लिए जाएंगे। सतीश मोरे/10मार्च ---