व्यापार
10-Mar-2026


- सिंगापुर छोड़ अब पूरी तरह भारतीय हो जाएगी कंपनी नई दिल्ली (ईएमएस)। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपनी होल्डिंग कंपनी का स्थायी पता सिंगापुर से भारत में स्थानांतरित कर लिया है। यह कदम संभावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले कॉर्पोरेट ढांचे को सरल बनाने और पूरी तरह भारतीय कंपनी के रूप में अपने विकास को अगले चरण में ले जाने की रणनीति का हिस्सा है। भारत सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद यह कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई। चीन की प्रमुख टेक कंपनी टेनसेंट की फ्लिपकार्ट में 5–6 फीसदी हिस्सेदारी है। इस अल्पांश विदेशी निवेश के लिए प्रेस नोट 3 मंजूरी जरूरी थी, जिसे सरकार ने हाल ही में दे दिया। विशेषज्ञ मानते हैं कि हाल में चीन से जुड़े निवेश मामलों में नीति में ढील का संकेत भी इस मंजूरी में सहायक रहा। सूत्रों के अनुसार फ्लिपकार्ट अपने आईपीओ के लिए 2026 के अंत या 2027 में बाजार में उतर सकती है। अनुमानित मूल्यांकन 35–50 अरब डॉलर के बीच है। कंपनी अपने आईपीओ से पहले 1–2 अरब डॉलर जुटाने पर भी विचार कर सकती है। इसके लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टैनली और जेपी मॉर्गन जैसी प्रमुख निवेश बैंकों के साथ शुरुआती चर्चा हुई है। फ्लिपकार्ट के भारत में मुख्य प्रतिस्पर्धी एमेजॉन, रिलायंस जियोमार्ट और टाटा ई-कॉमर्स हैं। हाल ही में कंपनी ने अपने बोर्ड को मजबूत किया और परिचालन को दुरुस्त किया। फिक्की और डेलॉयट की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स बाजार 2030 तक 325 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसकी सालाना वृद्धि दर 21 फीसदी अनुमानित है। फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा कि यह पुनर्गठन भारत सरकार से मिली मंजूरी के तहत हुआ है और अब फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड समूह की होल्डिंग कंपनी बनेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है और फ्लिपकार्ट के लिए विकास का अगला चरण शुरू करता है। सतीश मोरे/10मार्च ---