व्यापार
10-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने निवेशकों से कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के कारण घबराने की जरूरत नहीं है। पांडेय ने बताया कि युद्ध के कारण प्रमुख समुद्री मार्गों में व्यवधान और तेल-गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव आया है। उन्होंने जोर दिया कि भारत के घरेलू फंडामेंटल मजबूत हैं, जो निवेशकों को स्थिरता प्रदान कर रहे हैं। उनका संदेश था कि इस समय निवेशकों को शांत रहकर दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। पांडेय ने कहा कि निफ्टी 50 सूचकांक ने लगभग 11 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर्ज की है और इसकी शुरुआत से अब तक लगभग 25 गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में 40 से अधिक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) निफ्टी 50 को ट्रैक करते हैं, जिससे निवेशकों के लिए शेयर बाजार में भागीदारी आसान और किफायती हो गई है। उन्होंने कहा कि निफ्टी 50 अब कॉरपोरेट इंडिया का दर्पण, निवेशक भावना का बैरोमीटर और बाजार की दिशा का मार्गदर्शक बन चुका है। पांडेय ने बताया कि भारत की अगली पीढ़ी की कंपनियां आज के शुरुआती उद्योगों से उभरेंगी। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था बढ़ेगी और वैश्विक वित्तीय प्रणालियों से जुड़ाव बढ़ेगा, बाजार बड़े, जटिल और नए अवसरों से भरपूर होंगे। इससे निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और उन्हें नई जिम्मेदारियां भी निभानी होंगी। एनएसई के एक व‎रिष्ठ अ‎धिकारी ने कहा कि एक्सचेंज इस महीने निवेश बैंकरों की नियुक्ति कर अपनी बहुप्रतीक्षित आईपीओ की तैयारी कर रहा है। सेबी ने कम फ्लोट के साथ आईपीओ की अनुमति दे दी है, जिससे संभावित देरी का समाधान हो गया। सतीश मोरे/10मार्च ---