राज्य
11-Mar-2026


मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र सरकार ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके किसी की इमेज खराब करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घोषणा की है कि ऐसे मामलों का संज्ञान लेने और कानूनी कार्रवाई पर फैसला करने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी। इसलिए, अगर अब से कोई सोशल मीडिया के जरिए किसी को बदनाम करता है, तो उसकी खैर नहीं होगी। साइबर क्राइम से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि, सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करके गलत जानकारी और अफवाहें फैलाने के मामले बढ़ गए हैं। यह कमेटी मौजूदा कानूनों का अध्ययन करेगी और ऐसे मामलों में असरदार कार्रवाई के लिए जरूरी बदलाव सुझाएगी। यह कमेटी यह सुनिश्चित करने के लिए गाइडलाइन तैयार करेगी कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी को बदनाम न किया जाए। गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने इस मौके पर बताया कि बदलती टेक्नोलॉजी के साथ साइबर क्राइम का नेचर भी बदल रहा है। एडिटेड वीडियो और फेक अकाउंट के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए पुलिस बल को भी अपडेट किया जा रहा है। साथ ही, नागरिकों में जागरूकता लाने के लिए एक खास मोबाइल ऐप बनाया गया है, जिसके ज़रिए करोड़ों लोगों तक साइबर सिक्योरिटी के मैसेज पहुंचाए जाएंगे। दरअसल पिछले कुछ समय से बिना सबूत के किसी की इमेज खराब करने का ट्रेंड चल रहा है। इस पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बोलने की आज़ादी का मतलब दूसरों को बदनाम करना नहीं है। यह कमेटी इस बात का योजना तैयार करेगी कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कैसे सख्त एक्शन लिया जा सकता है। सरकार ने साइबर ठगों और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के ज़रिए हर महीने करोड़ों नागरिकों को सावधानी वाले मैसेज भेजे जाएंगे। सरकार ने जनता से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय या पोस्ट शेयर करते समय सतर्क रहने की भी अपील की है। संजय/संतोष झा- ११ मार्च/२०२६/ईएमएस