रिंग रोड- बायपास के आसपास जमीनें महंगी होंगी जबलपुर, (ईएमएस)। नई कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्ताव ने शहर के रियल एस्टेट बाजार में हलचल मचा दी है। खासकर रिंग रोड और बायपास से लगे क्षेत्रों की जमीनों में प्रस्तावित बढ़ोतरी ने इन इलाकों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। प्रशासन द्वारा तैयार मसौदे के अनुसार इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय दर वृद्धि का प्रस्ताव है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में यही इलाके शहर के नए हॉट प्रॉपर्टी ज़ोन बन सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार रिंग रोड और बायपास ने शहर के विकास की दिशा बदल दी है। इन मार्गों के निर्माण से शहर के भीतरी हिस्सों पर ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है और बाहरी क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो गई है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोग अब भीड़भाड़ से दूर, लेकिन सुविधाओं से जुड़े इलाकों में बसना पसंद कर रहे हैं। मास्टर प्लान में शामिल 62 गांवों में से कई रिंग रोड से सटे हैं, जहां तेजी से कॉलोनियों का विकास हो रहा है। सड़क, पानी, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने इन क्षेत्रों को आवासीय और व्यावसायिक दृष्टि से आकर्षक बना दिया है। रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि बड़े भूखंडों की उपलब्धता और भविष्य में कॉमर्शियल संभावनाओं के कारण निवेशकों ने यहां जमकर खरीदारी की है। बनेंगे नए हॉट प्रॉपर्टी ज़ोन… रियल एस्टेट विश्लेषकों का आकलन है कि अगले 5 से 10 वर्षों में रिंग रोड और बायपास के आसपास मल्टीस्टोरी प्रोजेक्ट, टाउनशिप, वेयरहाउसिंग और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तेजी से विकसित हो सकते हैं। यदि बुनियादी ढांचे का विस्तार इसी गति से जारी रहा तो ये इलाके शहर के नए विकास केंद्र के रूप में उभर सकते हैं। अब निगाहें 1 अप्रैल 2026 पर टिकी हैं, जब नई गाइडलाइन लागू होने की संभावना है। उससे पहले इन क्षेत्रों में रजिस्ट्री की रफ्तार तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। स्पष्ट है कि रिंग रोड और बायपास के आसपास का इलाका आने वाले समय में जबलपुर के रियल एस्टेट मानचित्र पर नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। कितनी बढ़ेगी दरें …. प्रशासन के प्रस्ताव के अनुसार जिले की कुल 2705 लोकेशनों में से 1366 में दरें बढ़ाने की तैयारी है। औसतन 15.37 प्रतिशत तक वृद्धि का अनुमान है। नगर निगम के वार्ड 08, 15, 16, 21, 67, 72, 73, 74 और 75 में भी नई दरें लागू करने पर सहमति बनी है। श्रेणीवार प्रस्तावित वृद्धि के अनुसार आवासीय भूखंडों में 25 प्रतिशत तक, व्यावसायिक एवं बहुमंजिला भूखंडों में 50 प्रतिशत तक और कृषि भूमि में 80 से 99 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना है। आम शहरवासी से दूर होगा घर का सपना……… हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक बड़ी वृद्धि से मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ेंगे, जिससे घर खरीदने की लागत में इजाफा होगा। वहीं निवेशकों के लिए यह क्षेत्र लंबे समय में बेहतर रिटर्न देने वाले साबित हो सकते हैं। प्रशासन का तर्क… अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान गाइडलाइन दरें वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम थीं। बाजार दर और सरकारी दरों के बीच बड़े अंतर के कारण राजस्व पर असर पड़ रहा था। इसलिए विकास की गति और बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए दरों का पुनर्निर्धारण किया जा रहा है। सुनील साहू / शहबाज / 11 मार्च 2026/ 06.20