* 72 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास; 8 करोड़ के साइंस पार्क का उद्घाटन, महिला सशक्तिकरण और सोलर गांव की मिसाल साबरकांठा (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को साबरकांठा जिले के विकास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए तलोद तहसील के आदर्श गांव नवलपुर से लगभग 72 करोड़ रुपए के 1999 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही साथ, मुख्यमंत्री ने नवलपुर ग्राम पंचायत के नए भवन और गांव के अमृत सरोवर पर स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि गुजरात सरकार के विकास के कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है और सरकार अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए भारी धनराशि खर्च कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि यदि सरकारी कार्य को अपना समझकर किया जाए, तो उसकी गुणवत्ता और जीवनकाल अपने आप बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री ने नवलपुर गांव को ग्रामीण विकास का उत्तम उदाहरण बताते हुए कहा कि इस गांव में सरपंच से लेकर सारे सदस्य महिलाएं हैं, जो महिला सशक्तिकरण का शानदार उदाहरण है। नवलपुर ने ‘समरस गांव’ के विचार को चरितार्थ करने के साथ ही पानी के मीटर जैसी आधुनिक सुविधाओं और सौ फीसदी सोलर सिस्टम अपनाकर देश को एक नई राह दिखाई है। मुख्यमंत्री ने साबरकांठा जिले से होकर गुजरने वाली कर्क रेखा के भौगोलिक महत्व को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए 8 करोड़ रुपए के खर्च से बने अत्याधुनिक ‘साइंस पार्क’ का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि 1.5 एकड़ क्षेत्र में फैले इस पार्क में ट्रॉपिक ऑफ कैंसर टावर, सनडायल और इंफोग्राफिक एग्जीबिशन हॉल जैसी सुविधाएं हैं, जो बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा क्षेत्र में ‘नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना’ की सफलता के कारण विज्ञान संकाय के छात्रों में 19 फीसदी की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कम वजन वाली गर्भवती महिलाओं के लिए लागू ‘लालन-पालन’ कार्यक्रम और बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज के नियंत्रण के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की इन दोनों पहलों में शानदार प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवॉर्ड’ दिया गया है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने इस अवसर पर ‘समरस, स्वच्छ और सोलर’ गांव के रूप में नवलपुर की सराहना की और कहा कि इस गांव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार किया है। उन्होंने 8 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित साइंस पार्क को आने वाली पीढ़ी के लिए विज्ञान का जीवंत केंद्र बताया, जो बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा। वाजा ने आगे कहा कि राज्य सरकार अंतिम छोर के बच्चों तक श्रेष्ठ शिक्षा पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है और जिले में 518 लाख रुपए के खर्च से 26 नए क्लासरूम का निर्माण इस दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे सरकारी संपत्ति को अपना समझते हुए उनका रखरखाव करें। जिला पंचायत अध्यक्ष भारतीबेन ने नवलपुर गांव में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार के साथ और जनभागीदारी के कारण ही नवलपुर गांव आज विकास का मॉडल बन पाया है। उन्होंने पिछले पांच वर्षों के दौरान विकास कार्यों के लिए उदारता से अनुदान देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने गर्व से कहा कि नवलपुर आज सिद्ध कर रहा है कि जब समाज और सरकार साथ मिलकर काम करते हैं, तो कैसे श्रेष्ठ परिणाम मिल सकते हैं। प्रांतिज-तलोद के विधायक गजेन्द्रसिंह परमार ने नवलपुर की उपलब्धियों को महिला सशक्तिकरण का उत्तम उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि नवलपुर ने गोबर बैंक बनाकर और 100 फीसदी सोलर सिस्टम अपनाकर एक आदर्श गांव का निर्माण किया है। उन्होंने तलोद बस डिपो की वर्षों पुरानी समस्या का सुखद समाधान कर नए डिपो का लोकार्पण करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और गांव की स्वच्छता के लिए किए गए व्यवस्थित आयोजन की सराहना की। हिम्मतनगर के विधायक वी.डी. झाला ने कहा कि वर्ष 2001 से मोदी युग में विकास कार्यों के लिए अनुदान की कभी कमी नहीं रही है। उन्होंने सरकार के किसान-उन्मुख दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानसून में हुए नुकसान के एवज में राहत पैकेज देकर सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने गर्व से कहा कि सुजलाम सुफलाम योजना के कारण जिले में पानी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो गया है और पूरा साबरकांठा जिला हरा-भरा बन गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुल 1999 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें परिवहन विभाग के 1390 लाख रुपए के कार्य और सामान्य प्रशासन विभाग के 3667 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। सतीश/11 मार्च