0 स्थगन अग्राह्य होने पर नारेबाजी; गर्भगृह में उतरे विपक्षी विधायक, स्वतः निलंबित होकर बहिर्गमन रायपुर (ईएमएस)। विधानसभा के बजट सत्र में कार्यवाही शुरू होते ही रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत और कमर्शियल गैस सप्लाई बंद होने के मुद्दे पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने इस विषय पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे अग्राह्य घोषित कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और सदन के गर्भगृह में उतर आए। नारेबाजी के दौरान नियमों के तहत गर्भगृह में आने वाले विपक्षी विधायक स्वतः निलंबित माने गए और नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर बाहर चले गए। नेता प्रतिपक्ष ने सदन में कहा कि छत्तीसगढ़ में गैस की गंभीर किल्लत की स्थिति है। शादियों का सीजन चल रहा है, होटल-रेस्तरां प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि भले ही यह विषय केंद्र सरकार से जुड़ा हो, लेकिन राज्य में इसकी व्यवस्था को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कालाबाजारी पर रोक लगाने और गैस की आपूर्ति सुचारू करने की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने की अपील की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्धों के कारण गैस सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दे रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से होटल-रेस्तरां बंद होने की स्थिति में हैं और शादियों पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह हर घर से जुड़ा मामला है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। सत्ता पक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि परेशानी वास्तविक हो सकती है, लेकिन विधानसभा इस विषय पर चर्चा का उचित मंच नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए कहा कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। इसके बाद विपक्षी विधायकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/12 मार्च 2026