नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली पुलिस संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए मकोका का इस्तेमाल तेज कर रही है। पिछले चार महीनों में 34 अपराधियों पर मकोका लगाया गया है। क्राइम ब्रांच ने एक विशेष मकोका सेल बनाया है जो अंतरराज्यीय सिंडिकेट्स पर नकेल कस रहा है। मकोका अपराधियों को लंबे समय तक जेल में रखने और उनकी अवैध संपत्ति जब्त करने में प्रभावी है, जिससे दिल्ली की सुरक्षा मजबूत हो रही है। संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने मकोका का इस्तेमाल करने की कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सक्रिय अपराध सिंडिकेट्स को जड़ से खत्म करने के लिए मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल आफ आर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) को अपना सबसे मुख्य हथियार बना रही है। पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में 95 संगठित आपराधिक गिरोहों की पहचान की गई है, जिनके सदस्यों की संख्या में सैकड़ों में है। पिछले साल सितंबर से दिसंबर केवल चार माह के भीतर, दिल्ली पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ अभियान चलाकर 34 अपराधियों पर मकोका लगाया। पुलिस न केवल गैंगस्टरों, बल्कि उनके पूरे इकोसिस्टम (फाइनेंसर और लाजिस्टिक्स सपोर्ट) पर मकोका लगा रही है। क्राइम ब्रांच के विशेष आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि क्राइम ब्रांच ने स्पेशल मकोका सेल के साथ दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। संगठित अपराध के इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के एक बड़े कदम के तहत, क्राइम ब्रांच ने बीते अक्टूबर में एक मकोका सेल बनाया है। इस स्पेशल यूनिट का काम अंतरराज्यीय आपराधिक सिंडिकेट पर अंकुश लगाना है जो गैर कानूनी फाइनेंशियल फायदे के लिए हिंसा और धमकी का इस्तेमाल करते हैं। यह यूनिट जिलों और दूसरी यूनिट्स को मकोका के प्रविधान को असरदार तरीके से लागू करने के लिए गाइड और सलाह देती है, ताकि पैसे के फायदे के लिए संगठित अपराध में शामिल अपराधियों के खिलाफ किसी भी प्रोसेस में कमी की गुंजाइश खत्म हो सके। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/12/मार्च /2026