नई दिल्ली (ईएमएस)। दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी में एक कथित सीबीआई इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल पर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित को सीबीआई शिकायत का डर दिखाकर 50 हजार रुपये लिए गए और मासिक 75 हजार रुपये की मांग की गई। सीबीआई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसकी जिम्मेदारी डिप्टी एसपी अनमोल सचान को सौंपी गई है। मैदानगढ़ी थाना क्षेत्र में कथित सीबीआई इंस्पेक्टर की ओर से एक व्यक्ति से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। आरोपित ने पीड़ित को यह कहते हुए डराया कि सीबीआइ में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। पीड़ित ने जब दो करोड़ देने से मना कर दिया तो भयादोहन करते हुए उससे 50 हजार रुपये ले लिए। साथ ही हर महीने की पहली तारीख को 75 हजार रुपये देने का फरमान सुनाया। पीड़ित ने मैदान गढ़ी थाने में शिकायत दर्ज की। इधर, जानकारी मिलते ही कथित सीबीआई इंस्पेक्टर भी थाने पहुंचा और लिखित में दिया कि वह शिकायतकर्ता को जानता ही नहीं और न ही कभी उससे मिला। दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने मंगलवार को मामला सीबीआई को अग्रेषित किया, जिस पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दीपक फल्सवाल नामक व्यक्ति 22 जनवरी को महाबली पुरम, भाटी कलां स्थित उसके आवास पर आया। उसने स्वयं को सीबीआइ इंस्पेक्टर बताया। उक्त व्यक्ति ने शिकायतकर्ता को यह कहकर डराया-धमकाया कि उसके खिलाफ सीबीआइ में एक शिकायत दर्ज की गई है। इसका डर दिखाते हुए उसने फिरौती के तौर पर दो करोड़ रुपये की मांग की। आगे यह भी आरोप लगाया कि जब पैसे देने से मना कर दिया, तो आरोपित ने कथित तौर पर दबाव डालकर उनसे 50,000 रुपये ले लिए। इसके अलावा 75,000 रुपये प्रति माह की और मांग की। इसके बाद से आरोपित लगातार फेस टाइम काल के माध्यम से शिकायतकर्ता को परेशान करने लगा। उसे निर्देश दिया है कि वह सीधे उसके नंबर पर संपर्क न करे, ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिकायतकर्ता ने अपने और आरोपित के बीच हुई बातचीत को रिकार्ड कर लिया है और सबूत के तौर पर प्रस्तुत किया है। सीबीआइ ने माना कि उपर्युक्त तथ्य प्रथम दृष्टया यह दर्शाते हैं कि सीबीआइ इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (जैसा कि 2018 में संशोधित किया गया) की धारा सात के तहत दंडनीय अपराध किया है। उनके खिलाफ एक नियमित मामला दर्ज करते हुए जांच सीबीआइ के डिप्टी एसपी अनमोल सचान को सौंपी गई है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/12/मार्च /2026