फतेहपुर,(ईएमएस)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सदर कोतवाली के चौफेरवा गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव घर के भीतर खून से लथपथ मिले। मृतकों में 50 वर्षीय सुशीला श्रीवास्तव, उनका 28 वर्षीय पुत्र अमर और 50 वर्षीय देवर सुनील शामिल हैं। घटना का पता तब चला जब परिवार के मुखिया, वैन चालक सुशील श्रीवास्तव अपनी बेटी के घर से वापस लौटे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था और फर्श पर खून फैला हुआ था। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तब अंदर सुशीला और अमर मृत पड़े थे, जबकि सुनील मरणासन्न हालत में थे, जिन्होंने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस की फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। मौके से सल्फास के पाउच के तीन खाली पैकेट बरामद हुए। इतना ही नहीं कमरे में चार ब्लेड मिले हैं। तीनों मृतकों की गर्दन और हाथों पर गहरे कट के निशान थे। चूंकि घर अंदर से बंद था, इसलिए पुलिस इस सामूहिक आत्महत्या या आपसी संघर्ष के बाद आत्महत्या का मामला मान रही है। शुरुआत में पुलिस आपसी झगड़े का परिणाम मान रही थी, लेकिन देर रात मृतक अमर श्रीवास्तव का सुसाइड नोट मिलने से मामले की दिशा बदल गई। नोट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार रुपयों के लेनदेन को लेकर मानसिक तनाव में था। कुछ लोग परिवार को एससी-एसटी एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर परिवार ने यह खौफनाक कदम उठाया। एडीजी प्रयागराज जोन ज्योति नारायण और सीओ सिटी प्रमोद शुक्ला ने घटनास्थल का मुआयना किया। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वे कौन लोग थे जो परिवार को धमका रहे थे। आशीष दुबे / 12 मार्च 2026