राज्य
12-Mar-2026


जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्रवाईः 18 करोड़ की अधिग्रहित भूमि प्रकरण में दो पूर्व अधिकारियों पर केस दर्ज अलीगढ़ (ईएमएस)।मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अपराध और भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर प्रभावी कार्रवाई करने के क्रम में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने नगर निगम की भूमि के साथ अनियमितता, फर्जीवाड़ा एवं पद का दुरूपयोग करते हुए सार्वजनिक हित की लगभग 18 करोड़ की बेशक़ीमती भूमि को निजी पक्षो के नाम करने के गंभीर प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम अलीगढ़ में तैनात रहे मुख्य नगर अधिकारी डॉ. नन्द किशोर व पूर्व अवर अभियंता/संपत्ति अधिकारी गयूर अहमद के विरुद्ध नगर निगम के संपत्ति विभाग द्वारा सिविल लाइन थाने में एक और एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रकरण का विवरण सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह ने बताया कि अलीगढ़ नगर निगम की अधिग्रहित सरकारी संपत्ति से संबंधित गंभीर अनियमितताओं एवं राजकीय भूमि को नुकसान पहुँचाने के प्रकरण में थाना सिविल लाइंस, जनपद अलीगढ़ में प्रथम सूचना रिपोर्ट (थ्.प्.त्.) दर्ज कराई गई है। यह रिपोर्ट दिनांक 11 मार्च 2026 को सायं 19ः13 बजे पंजीकृत की गई, जिसका एफआईआर नंबर 0125/2026 है। प्रकरण भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468 एवं 471 के अंतर्गत दर्ज किया गया है, जो धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना एवं जाली दस्तावेज के प्रयोग से संबंधित गंभीर अपराध हैं। सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि नगर आयुक्त के आदेश अनुपालन में गठित जांच समिति द्वारा अभिलेखों, न्यायालयीन वादों एवं पूर्व आदेशों का परीक्षण किया गया। समिति की रिपोर्ट में यह तथ्य प्रकाश में आया कि दिनांक 02 अप्रैल 2002 को उक्त भूमि के संबंध में न्यायालय में एक समझौता प्रस्तुत किया गया था, जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर तथा बिना सक्षम अनुमति के किया गया प्रतीत होता है। प्रकरण व जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त महोदय द्वारा तत्काल दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने के आदेश दिए गए। एफआईआर में नामजदों का विवरण डॉ. नन्द किशोर, तत्कालीन मुख्य नगर अधिकारी (उस समय नगर पालिका/नगर निगम से संबंधित अधिकारी), पिता का नाम अज्ञात, निवासी कृ मुख्य नगर अधिकारी आवास, नगर निगम सिविल लाइंस, अलीगढ़ और गय्यूर अहमद, तत्कालीन संपत्ति अधिकारी, नगर निगम अलीगढ़, पिता का नाम अज्ञात, निवासी संपत्ति अधिकारी आवास, नगर निगम सिविल लाइंस, अलीगढ़। इस प्रकरण की जांच में जो भी अन्य व्यक्ति संलिप्त पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह कार्रवाई पारदर्शिता एवं जनहित की भावना से की गई है, ताकि नगर निगम की संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण या दुरुपयोग न हो सके।’ ईएमएस/मोहने/ 12 मार्च् 2026