२४ महीने का रिटर्न लिया और सिर्फ 6 माह की राशि की जमा छिंदवाड़ा (ईएमएस)। पंचायतों में पारदर्शिता के साथ काम हो तथा किसी भी तरह का भ्रष्टाचार न हो इसके लिए शासन द्वारा बकायदा पंचायतों का ऑडिट समय-समय पर कराया जाता है लेकिन ऑडिट के बाद टीडीएस रिटर्न के नाम पर छिंदवाड़ा जिले में बड़ा गोलमाल हो रहा है। आलम यह है कि टीडीएस जमा करने के नाम पर संबंधित एजेंसी पंचायत की राशि गबन करने लगी है ऐसा ही मामला छिंदवाड़ा जिले की चौरई, हर्रई और तामिया पंचायतों में सामने आया है जहां पर पिछले दो साल में लाखों रुपए का गोलमाल हुआ है। यदि इस मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए तो बड़ा भ्रष्टाचार सामने आ सकता है। भ्रष्टाचार के इस पूरे खेल में मुकेश का नाम सामने आ रहा है जिसने पंचायतों के टीडीएस रिटर्न के नाम पर शासन को लाखों का चूना लगा दिया है। - क्या है मामला सूत्रों की माने तो जिला पंचायत द्वारा पंचायतों का ऑडिट कराया जाता है इस ऑडिट के खेल में मुकेश ने बड़ा गोलमाल किया है जिसमें पंचायतों से जीएसटी जमा करने और टीडीएस रिटर्न के नाम पर बड़ी हेराफेरी हुई है। सूत्रों की माने तो 24 महीने यानि दो साल का टीडीएस रिटर्न फाइल करने के बाद सिर्फ 6 माह की राशि जमा की गई है जबकि 18 माह की राशि संबंधित एजेंसी में जमा ही नहीं की है। अब इस राशि को 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज लगना शुरू हो गया है जबकि पंचायतों को इस मामले की जानकारी ही नहीं है। - कुछ सचिवों की भूमिका पर भी सवाल टीडीएस रिटर्न के नाम पर होने वाली गड़बड़ी में कुछ सचिवों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की माने तो मुकेश ने अपनी 6 फर्म अलग-अलग रिश्तेदारों और परिचितों के नाम से बनाकर रखी है इसी फर्म के नाम से टीडीएस रिटर्न फाइल किया जा रहा है। जनपदों में दिक्कत न हो इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में रसूख रखने वाले कुछ सचिवों को मुकेश ने अपने साथ मिला रखा है यही वजह है कि पिछले दो सालों में टीडीएस रिटर्न और जीएसटी जमा करने के नाम पर बड़ी गड़बड़ी हुई है। - पंचायतों से जीएसटी लेकर कर ली चोरी मुकेश की 6 से अधिक फर्म छिंदवाड़ा जिले की विभिन्न जनपदों में टीडीएस रिटर्न और जीएसटी के नाम पर बड़ी गड़बड़ी कर चुकी है कई बिल ऐसे हैं जिनका जीएसटी तो ले लिया गया है लेकिन इसे शासन को जमा ही नहीं किया गया जबकि बिलों के नाम पर भी पोर्टल में खानापूर्ति कर दी गई है। ईएमएस/मोहने/ 12 मार्च 2026