रायपुर (ईएमएस)। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में गौवंशीय पशुओं की संख्या और दुग्ध उत्पादन को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर है, कितने गौवंशीय पशु हैं, प्रति व्यक्ति दूध की खपत कितनी है और कितने कृत्रिम गर्भाधान केंद्र संचालित हैं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब में बताया कि राज्य में 2019 की 20वीं पशु संगणना के अनुसार कुल 99.84 लाख गौवंशीय पशु हैं। वर्तमान में प्रदेश दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं है। भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता केवल 194 ग्राम प्रतिदिन है, जबकि भारतीय मानक 300 ग्राम प्रतिदिन है। कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत राज्य में 1585 संस्थाएं और 800 प्रशिक्षित निजी कार्यकर्ता कार्यरत हैं। वर्तमान में 412 केंद्रों की आवश्यकता है। वर्ष 2023-26 के दौरान 16.93 लाख कृत्रिम गर्भाधान किए गए, जिन पर 1071.55 लाख रुपये खर्च हुए। मंत्री ने बताया कि चिराग परियोजना, जो 12 फरवरी 2021 से 31 जुलाई 2026 तक चलने वाली थी, अपेक्षित प्रगति न होने के कारण 26 मार्च 2025 से बंद कर दी गई। विश्व बैंक की 10 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग कोविड के कारण महज 1 प्रतिशत ही हो पाया और शेष राशि 18 अप्रैल 2018 को वापस कर दी गई। विधायक अजय चंद्राकर ने योजनाओं में गड़बड़ी और अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने गौवंशीय पशुओं की तस्करी और छोटे ग्रामीण पशुओं के दूध उत्पादन पर चिंता जताई। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण की सफलता पर भी सवाल उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना के फंड वापसी की तारीख पर सवाल किया। मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब दिया कि बछिया, भैंस और गौवंशीय सभी का दूध उत्पादन बढ़ाना लक्ष्य है, लेकिन चारागाह की कमी प्रमुख चुनौती है। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/13n. मार्च 2026