बिलासपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ में सामने आए अफीम की खेती के मामलों को लेकर कांग्रेस ने बिलासपुर में भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला शहर कांग्रेस कमेटी और जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय केशरवानी, शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री की अगुवाई में करबला स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता पुराना बस स्टैंड स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक में एकत्रित हुए। यहां प्रदेश सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद रैली के रूप में सभी कार्यकर्ता करबला स्थित भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े। बैरिकेडिंग के बीच रोका गया मार्चछत्तीसगढ़ पर्यटन गाइड भाजपा कार्यालय के आसपास पुलिस ने पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। कार्यालय की ओर आने-जाने वाले सभी रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग कर दी गई थी। बैरिकेडिंग के पास पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिस ने कंधे पर उठाकर हटाया प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय केशरवानी को कंधे पर उठाकर बैरिकेडिंग से दूर किया। धक्का-मुक्की के दौरान उनका कुर्ता भी फट गया। बाद में पुलिस प्रशासन के समझाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए प्रदर्शन समाप्त किया। अफीम की खेती को लेकर सरकार पर निशाना कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ को लंबे समय से धान का कटोरा कहा जाता रहा है, लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की पहचान बदलने की स्थिति बन रही है। नेताओं का कहना है कि दुर्ग जिले के समौदा गांव और बलरामपुर जिले के त्रिपुरी सहित अन्य स्थानों पर कई एकड़ जमीन में अफीम की खेती मिलने की घटनाएं सामने आई हैं। उनका आरोप है कि अलग-अलग स्थानों पर मिली अफीम की खेती भाजपा से जुड़े लोगों के खेतों में की जा रही थी। गिरदावरी रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिन स्थानों पर अफीम की खेती सामने आई, उनमें से एक जगह की गिरदावरी रिपोर्ट में पटवारी ने फसल को अन्य फसल या अनाज बताया है। जबकि खेत में फसल तैयार होने के बाद वहां अफीम की खेती दिखाई दी। नेताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि अगर सरकारी रिकॉर्ड में ही सही जानकारी दर्ज नहीं होगी तो ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लगाना मुश्किल होगा। विजय केशरवानी का तीखा हमला वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने कहा कि यह बेहद हैरानी की बात है कि जिन खेतों में अफीम की खेती सामने आई, वहां की गिरदावरी रिपोर्ट में उसे अन्य फसल लिखा गया। उनका कहना था कि इससे साफ संकेत मिलता है कि सिस्टम के कुछ हिस्से इस पूरे मामले में सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान धान के उत्पादन से रही है, लेकिन आज हालात ऐसे बन रहे हैं कि प्रदेश को अफीम की खेती से जोडकऱ देखा जा रहा है। केशरवानी ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते इस पर सख्ती नहीं हुई तो युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाली ताकतें और मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सडक़ से लेकर सदन तक उठाएगी और प्रदेश को उड़ता छत्तीसगढ़ बनने नहीं देगी। युवाओं को नशे की आग में नहीं झोंकने देंगे शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश को नशे का अड्डा नहीं बनने देगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को नशे की ओर धकेलने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा और इसके खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। कई कांग्रेस नेता रहे मौजूद प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता समीर अहमद, लक्ष्मीनाथ साहू सहित कई ब्लॉक अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। मनोज राज 13 मार्च 2026