बिलासपुर (ईएमएस)। जिले में पशुओं को खुरहा-चपका जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए पशुधन विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा नि:शुल्क टीकाकरण महाअभियान शुरू किया जा रहा है। यह अभियान 30 अप्रैल जिले के चारों विकासखंडों में चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिले के लगभग 4 लाख 14 हजार 666 पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।पशु चिकित्सा विभाग ने जिले के सभी पशुपालकों से अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की है। गाय, भैंस, भेड़-बकरी सहित कई पशुओं में फैलता है रोग पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार खुरहा-चपका अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से खुर वाले पशुओं में तेजी से फैलती है। यह बीमारी गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर सहित अन्य दुधारू पशुओं को प्रभावित करती है।समय पर टीकाकरण नहीं होने की स्थिति में यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और कई बार पशुओं की मृत्यु तक हो सकती है। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। ये हैं बीमारी के प्रमुख लक्षण संक्रमित पशुओं में कई प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं। इनमें मुंह से चिपचिपा लार निकलना, तेज बुखार आना, पशुओं का लंगड़ाकर चलना, खाने में रुचि कम होना तथा खुर और मुंह के अंदर छोटे-छोटे फफोले होना शामिल है। इसके अलावा जानवरों में कमजोरी बढ़ जाती है और दूध देने वाले पशुओं में दूध उत्पादन भी कम हो जाता है।पशु चिकित्सा विभाग ने पशुपालकों को सलाह दी है कि यदि किसी पशु में खुरहा-चपका के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक को सूचना दें। किसानों को किया जा रहा जागरूक जिला नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र पिल्ले ने बताया कि संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाओं के मार्गदर्शन में जिले के चारों विकासखंडों में कृषक संगोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है।इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को खुरहा-चपका रोग की रोकथाम,पशुओं के टीकाकरण और पशु पंजीयन से संबंधित जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। मनोज राज 13 मार्च 2026